विकलांगों की हो रही उपेक्षा : भारद्वाज
गुहला चीका |हमारे देश के संविधान ने हर नागरिक को समानता और गरिमा के साथ जीने का हक दिया है। देश में विकलांगों की संख्या लगभग 10 करोड़ है और जीवन के तमाम क्षेत्रों में विकलांगों को शोषण, घोर उपेक्षा और भेदभाव का शिकार होना पड़ता है। यह शब्द विकलांग अधिकार मंच हरियाणा जिला कैथल के सह संयोजक ईश्वर भारद्वाज बंदराणा ने यहां विकलांगों की एक बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारे सामाजिक ताने-बाने में इनकी जरूरतों के प्रति बड़े पैमाने पर हेय अथवा कृपा दृष्टि का भाव बना रहता है। विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने पैंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर, कृत्रिम अंग और ट्राई साइकिल हासिल करने जैसे कार्यों के लिए प्रशासन के संवेदन हीन रवैये से विकलांगों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इस अवसर पर बल्लू मैहला, नरेश पबनावा, अमित कुमार, प्रदीप कुमार, शिव सैनी, सतपाल और रवि कुमार मौजूद थे।