मनरेगा भ्रष्टाचार में कई अधिकारी शामिल
कैथल| बालूबिधान पट्टी में मनरेगा स्कीम में हुए भष्ट्राचार में तत्कालीन बड़े अधिकारी भी जुड़े हैं। मनरेगा स्कीम में हुए भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज एफआईआर के संबंध में शिकायतकर्ता के एडवोकेट प्रदीप रापड़िया ने सूचना के अधिकार के तहत पूछा कि वो कौन से अधिकारी थे जिनके ऊपर मनरेगा स्कीम में हुए कार्यों की निगरानी की जिम्मेवारी थी। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कलायत ने सूचना दी है कि मनरेगा स्कीम में हुए कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी तत्कालीन डीसी, बीडीपीओ और जेई की जिम्मेदारी थी। याचिकाकर्ता ने एसपी कैथल को लिखकर दरखास्त कि उपरोक्त बड़े-बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज करके मामले की बारीकी से जांच होनी चाहिए। ज्ञात रहे है कि मामले में हाईकोर्ट पहले ही एसपी कैथल एसएचओ, कलायत को उचित कार्यवाही करने के लिए तलब कर चुका है। शिकायतकर्ता के वकील प्रदीप रापडिय़ा ने बताया की मनरेगा एक्ट में हर एक अधिकारी की जिम्मेवारी निर्धारित की गई हैं। ऐसे में में बिना बड़े अधिकारियों की मिलीभगत के बिना मनरेगा स्कीम में भ्रष्टाचार हो ही नहीं सकता।