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जब गुहला चीका में पहली बार रामलीला के स्टेज पर जगमग हुई थी रोशनी

7 वर्ष पहले
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>चीका में 24 से शुरू होगी रामलीला

भास्करन्यूज।|गुहला चीका

क्याजमानाथा वो भी। जब सीता माता का रोल करने में शहर के एक मुसलमान छोटा खान का धर्म आड़े नहीं आता था और रावण के रोल में सजे धजे रोबदार कद्दावर गुरबख्श सिंह को रामलीला कभी भी सिर्फ हिंदुओं की नहीं लगती थी। ये वो दौर था जब दूर दराज के गांवों में ब्याही गुहला के गांवों की लड़कियों रामलीला के दिनों में अपने बच्चों को लेकर पीहर लौट आती थी और दशहरे की ‘धोक’ मारने के बाद ही अपनी ससुराल वापस जाती थी। रामलीला में बरसों तक लक्ष्मण का रोल करने वाले रिटायर्ड हैड मास्टर अजमेर सिंह बताते हैं कि बिजली थी और ही साउंड सिस्टम, लेकिन जो रंग जमता था, उसे याद कर पुराने जमाने के लोग आज भी अश अश कर उठते हैं।

मास्टर अजमेर सिंह बताते हैं कि 56 साल पहले चीका गांव में ब्राह्मणों की थ्याई के पास पड़ी खाली जगह में शुरू हुई रामलीला 1968 में भवानी मंदिर चीका के मैदान में स्थानांतरित हो गई। रामलीला में शुरूआती डायरेक्टरों में से एक स्वर्गीय तेलू राम पाधा के पुत्र सुभाष पाधा बताते हैं कि भवानी मंदिर में जब पहली बार रामलीला का आयोजन हुआ तो उद्घाटन करने कैथल की विधायक ओमप्रभा जैन आई थी।

उसी साल में चीका में पहली बार बिजली आई थी और शायद पहले बल्ब की रोशनी रामलीला की स्टेज पर ही जगमग हुई थी। पाधा बताते हैं कि मनोरंजन के साधनों का अभाव कहिए या धार्मिक परंपराओं में आस्था, लोग दूर-दूर से झोटा बुग्गियों बैल गाडिय़ों में सवार होकर भवानी मंदिर की रामलीला देखने आते थे। आने वाले लोगों में महिलाओं लड़कियों की तादाद आधी से ज्यादा होती थी।

भवानी मंदिर से जुड़ी एक संस्था भवानी सेवा समिति के पूर्व कैप्टन राकेश वर्मा बताते हैं कि उस दौर में स्टेज पर दिखने की ललक इतनी ज्यादा होती थी कि गैस की हांडियां लेकर खड़े कारिंदे इस बात का इंतजार कर रहे होते थे कि कब बिजली भागे और कब वे गैस की हांडियां लेकर रोशनी करने स्टेज पर पहुंचें। पुरानी बातों को याद करते हुए वर्मा बताते हैं कि रामलीला की रिहर्सल दो दो महीने पहले शुरू हो जाया करती थी। वर्मा बताते हैं कि सोमनाथ शर्मा, नरदेव गुप्ता शास्त्री, पंडित तेलू राम पाधा, बशेशर राम, प्यारे लाल शर्मा (अब सभी स्वर्गीय) रामलीला के उन सख्त मिजाज डायरेक्टरों में गिने जाते थे जो रिहर्सल के दौरान होने वाली छोटी सी गलती पर