- Hindi News
- चीका में धान के गिरते रेट हेराफेरी के खिलाफ किसानों ने लगाया जाम
चीका में धान के गिरते रेट हेराफेरी के खिलाफ किसानों ने लगाया जाम
किसानधानके निरंतर गिरते रेटों उनके साथ हो रही हेराफेरी चल रही है और किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। समस्या के चलते किसानों ने मंडी के गेटों पर जाम लगा दिया। मंडी में सभी का आना जाना बंद हो गया। जाम लगाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और किसानों की समस्याएं सुनी। बारीक धान में लगातार चल रहे मंदी के दौर से भी किसानों में भारी रोष व्याप्त है। गुहला के तहसीलदार महेंद्र सिंह ने किसानों को विश्वास दिलवाया कि उन द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच होगी।
किसान हरनरेंद्र सिंह, मुख्त्यार सिंह, ज्ञान सिंह, जाति राम, हरदीप सिंह, दलबीर सिंह, कुलवंत सिंह, महताब सिंह, हरपाल सिंह, रामचंद्र राज तिलक आदि ने आरोप लगाया कि स्थानीय आढ़ती किसानों की धान को सीजन के शुरू से लेकर अब तक मंदे दाम में ही खरीद रहे हैं। किसानों के अनुसार उन्हें राइस मालिकों द्वारा यह कहकर बहकाया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंदी के दौर के चलते ही किसानों की फसल कम दामों में खरीदी जा रही है। राइस मिलर्स आढ़ती आपस में मिले हुए हैं जिसके चलते 3200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकने वाली उनकी 1509 किस्म की धान को मात्र 1800 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जा रहा है जो कि किसानों के साथ सरेआम लूट है। किसानों ने मंडी में फसल को तोलने के दौरान फसल कम तोलने का भी आरोप लगाया। पंजाब से रही धान पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है, पर पंजाब के किसान मंडी में धान की ट्रालियां लेकर धड़ल्ले से पहुंच रहे हैं।
तहसीलदार महेन्द्र सिंह ने कहा कि अधिकारी मौके पर रहकर किसानों के धान को तुलवाएंगे। किसी भी किसान को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। तहसीलदार के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।