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क्योड़क बस अड्डे पर रुकने लगी हैं सभी बसें
बसें रुकवाने के लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई
भास्करन्यूज| कैथल
गांवक्योड़कमें लंबे रूट की सभी बसें रुकने लगी हैं। बस अड्डा पर एक कर्मचारी की ड्यूटी लगा दी है। सुबह आठ से शाम चार बजे तक कर्मचारी बसें रुकवाता है। लंबे रूट के चालक खुद भी बसें रोकने लगे हैं।
गांव क्योड़क में डायरेक्टर जनरल स्टेट ट्रांसपोर्ट हरियाणा जीएम कैथल ने बसेें रुकने के आदेश दिए हुए थे। लेकिन अंबाला, जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और यमुनानगर रोडवेज के चालक इस अड्डा पर बसें नहीं रोकते थे। बसें रुकने से क्योड़क सहित आठ गांवों के लोग परेशान थे। क्योड़क गांव के विकास ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली थी। उसका तर्क था कि नियमानुसार यहां पर लंबे रूट की बसें रूकने के आदेश हैं। लेकिन रोडवेज के चालक यहां पर बसें नहीं रोकते। इसी कारण प्रतिदिन हजारों लोगों को परेशानी हो रही है। उन्हें कैथल से वापस क्योड़क जाना पड़ता था। जिस कारण उनका एक से डेढ़ घंटा आने और वापस जाने में लग जाता था। हाईकोर्ट के जज हरविंदर सिंह सिंधू ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए रोडवेज के डीजी जीएम को इस फैसले को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए। भास्कर ने इस समाचार को विस्तार से छापा था। रोडवेज के जीएम भंवर सिंह ने गांव क्योड़क के बस अड्डा पर एक परिचालक की बसें रुकवाने के लिए ड्यूटी लगा दी है। गांव क्योड़क के विकास, रामकुमार, सिंद्र, बलबीर, ओपी कौशिक ने कहा कि पिछले तीन चार दिनों से बसें रुकने लगी हैं। इसका सवारियों को बहुत फायदा हो रहा है।
तीस हजार की अाबादी को फायदा
क्योड़कजिला का सबसे बड़ा गांव हैं। इसकी आबादी 12 हजार है। इसके अलावा दयौरा, नौच, बलवंती, जसवंती, उझाना, बरोट, डेरा चांदीपुर सहित सभी गांवों की अबादी 18 हजार के लगभग है।
गुलियाणाबात्ता के लोग हैं परेशान
हिसार-चंडीगढ़मार्ग पर स्थित बात्ता गांव में भी बसें नहीं रुकती है। बात्ता गांव की आबादी करीब आठ हजार है। ग्राम पंचायत कई जीएम से शिकायत कर चुकी है। लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। गांव गुलियाणा में भी लंबे रूट की बसें नहीं रुकती। इस कारण चार गांवों के लोगों को परेशानी रही है।
कैथल | गांव क्योड़क के अड्डे पर बस को रुकवाते रोडवेज कर्मचारी।