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दलितों दबंगों के बीच समझौता के लिए झींडा ने चीका में डेरा डाला
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भास्करन्यूज| गुहला चीका
स्यूमाजरागांव के दलितों दबंगों के बीच समझौता कराने के लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने चीका में डेरे डाल लिए हैं, जिसके चलते लगभग एक मास से उलझा यह मसला कानूनी दांव-पेच से होता हुआ अब राजनीतिक रूप लेता दिखाई दे रहा है। स्यू माजरा के दलित जहां गुहला के पूर्व विधायक वर्तमान में केंद्रीय अनुसूचित आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह की शरण में जा चुके हैं, वहीं कथित रूप से दबंग कहे जाने वाले स्यू माजरा के लोगों ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की शरण ले ली है। इसी कड़ी में जहां दलितों ने शनिवार को आज एक बार फिर ईश्वर सिंह से उनके चीका स्थित निवास पर मुलाकात की, वहीं दूसरी तरफ प्रभावशाली लोगों ने चीका के छटी एवं नौवीं पातशाही गुरुद्वारा साहिब में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के स्टेट प्रधान जगदीश सिंह झींडा से मुलाकात की।
दलितोंको उनका हक मिलें : ईश्वर सिंह : केंद्रीयअनुसूचित आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने कहा कि यदि जगदीश सिंह झींडा इस मसले को सहमति से हल कराना चाहते हैं तो वे इसका स्वागत करेंगे। लेकिन दलितों को उनके हक से वंचित रखकर यह समझौता नहीं हो सकता। वे भी चाहते हैं कि दलित भी गांव में मान सम्मान के साथ रहें। ईश्वर सिंह ने कहा कि फिलहाल समझौते हेतु किसी ने उनके साथ संपर्क नहीं किया है। यदि कोई आएगा तो उस पर विचार किया जाएगा।
होसकता है समझौता : रविंद्र कौर
सरपंचरविंद्र कौर ने कहा कि कभी एक हाथ से ताली नहीं बजती। यदि दोनों पक्ष खुले मन से बातचीत की मेज पर बैठें तो मुमकिन है कि समझौता हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दलितों को मान सम्मान के साथ उनका हक भी मिलना चाहिए। गांव की सरपंच होने के नाते उनकी हर समय यही कोशिश रहेगी कि दोनों पक्षों में समझौता हो जाए।
साधारणग्रामीणों को दबंगकहना गलत : मनजीत
इसमामले में कथित रूप से दबंग कहे जाने वाले लोगों का पक्ष भी सामने आया है। आरोपियों के एक समर्थक मनजीत सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि गांव के साधारण भोले-भाले लोगों को दबंग कहना उचित नहीं है। जिन लोगों पर दलितों ने आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं क्योंकि ग्रामीणों ने दलितों को कभी भी जातिसूचक शब्द नहीं कहे। उन्होंने दलितों द्वारा पुलिस में दर्ज कराए माम