3 दिन में मुआवजा मिला तो करेंगे ट्रैक जाम
खराबफसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लघु सचिवालय समक्ष पिछले पांच दिनों से सैकड़ों किसान धरनारत हैं। जहां सरकार के खिलाफ लगातार धरना देकर नारेबाजी कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी धरनारत किसानों को आश्वासन देने नहीं पहुंचा। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि सरकार के इरादे ठीक नहीं हैं। किसानों को मुआवजे के नाम पर टरकाया जा रहा है। जिसके विरोध में वे साेमवार को लघु सचिवालय समक्ष सरकार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि हर बार उन्हें आश्वासन दिया गया। इन्हीं आश्वासनों के चलते उनकी आगामी फसलें भी प्रभावित हो चुकी हैं। मंदी की मार झेल रहे किसान फसलों की संभाल नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन सरकार मुआवजा राशि मुहैया करवाने को लेकर गंभीर नहीं है। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। किसान नेता प्रहलाद सिंह भारू खेड़ा ने कहा कि किसानों ने सरकार को सात दिन समय दिया था। जिसमें चार दिन बीत चुके हैं। अगर इन बाकी तीन दिनों में खराब फसलों का मुआवजा आवंटित नहीं किया जाता, तो वे एकत्रित होकर ट्रेनों को रोकने की ओर अग्रसर होंगे। जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
मुआवजामिल पाने से किसान झेल रहे आर्थिक तंगी
प्रदर्शनकारीकिसान साहबराम ताजिया, प्रकाश सिहाग ऐलनाबाद, जग्गा सिंह, प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, रणजीत सिंह जाखड़, बलवीर सिंह गुढिया, बनवारी लाल डिंग, गांधीराम, निहाल सिंह, गुरप्रीत सिंह मेहनाखेड़ा धन्ना सिंह ने कहा कि किसानों को मुआवजा देने में सरकार जान बूझकर देरी कर रही है। जिसके विरोध में सोमवार को सरकार के पुतले जलाए जाएंगे। वहीं सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ रोष जताया जाएगा। किसानों ने कहा कि मुआवजा समय पर नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। वे अब मुआवजा में ओर ज्यादा देरी सहन नहीं करेंगे। धरनारत किसानों ने कहा कि सरकार को किसानों के आक्रोश का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। किसानों ने कहा कि वे अनेक बार आलाधिकारियों को सरकार के नाम मांग पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन हर बार उनकी मांगों को अनदेखा किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार किसानों के साथ मजाक करती नजर रही है। लेकिन ये सब वे अब बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ये हैं मुख्य मांगें
किसानोंको 30 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने, बिजली बिलों में कटौती किए जाने, गरीब किसानों का कर्जा माफ करने, आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाए जाने, बिजली की पूर्ण सप्लाई मुहैया करवाने, स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए, मनरेगा के कार्यों को कृषि के साथ जोड़ा जाए, किसानों को मुआवजा स्पेशल गिरदावरी के आधार पर दिया जाए मांगे शामिल हैं।
सिरसा।लघुसचिवालय के सामने धरने पर बेठे किसान रोष जताते हुए।