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बिना कर्मचारियों के शहर बदहाल

7 वर्ष पहले
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आदेशों का उल्लंघना करने वालों पर होगी कार्रवाई

नगरपालिकामें कर्मचारियों की कमी से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं सफाई व्यवस्था बिल्कुल चरमरा चुकी है। सफाई व्यवस्था फेल होने के कारण पूरे शहर में गंदगी के ढेर नजर आने लगे हैं। जिससे बीमारियों फैलने का डर बना रहता है। नगरपालिका में पिछले 4 माह से सचिव का पद रिक्त चल रहा है। पहले मार्केट कमेटी के सचिव को नगरपालिका सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। अब उनके सिरसा तब्दील होने पर यह अतिरिक्त कार्यभार यहां के तहसीलदार को सौंपा गया है। यहां पिछले लगभग डेढ़ साल से लेखाकार का पद रिक्त चल रहा है।

जिसके चलते रानियां के लेखाकार सुरेंद्र शर्मा से काम चलाना पड़ रहा है। एमई का पद दो- तीन साल से रिक्त पड़ा है। जिसके चलते रानियां के एमई राकेश पूनियां को यहां का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। जेई का पद भी पिछले लगभग डेढ़ साल से रिक्त पड़ा है जिसके चलते कालांवाली के जेई को यहां अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। लगभग 9 माह पूर्व सफाई निरीक्षक रूप रविंद्र बिश्नोई के पदोन्नत होकर थानेसर चले जाने के अलावा अलावा लिपिक लेखा लिपिक के पद भी रिक्त है। नियमित सफाई कर्मचारियों के 37 पद हैं लेकिन 10 पद पिछले 1 साल से रिक्त पड़े हैं। सरकार के पत्र अनुसार 400 व्यक्तियों पर 1 सफाई कर्मचारी

लगाया जाना है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगरपालिका में सफाई कर्मचारियों के 91 पद बनते हैं। सरकार को 54 नये पद स्वीकृत करवाने के लिए लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके कारण पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बिल्कुल ठप पड़ी हुई है। सरकार द्वारा सरकारी कार्य कम्प्यूटराइज्ड करवाया जाना है लेकिन कम्प्यूटर ऑपरेटर की पोस्ट किसी भी विभाग में सेंक्शन नहीं है। इस वजह से विभागों में डीसी रेट पर कंप्यूटर ऑपरेटर लगाय हुए हैं।

कर्मचारियों के ना होने से नगरपालिका के अनेक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों की कमी को विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जा चुका है। इस कमी को पूरा करने के लिए भी बार-बार लिखा जा चुका है।

रघुवीरजांगड़ा, अध्यक्ष,नगरपालिका, ऐलनाबाद