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रिकॉर्ड किया जब्त, वसूली रकम वापस मजदूरों को देने के आदेश
तलवाड़ाचौक पर स्थित बाबा रामदेव मंदिर में गुरुवार को श्रम विभाग ओर से मजदूरों के रजिस्ट्रेशन को लेकर की जा रही उगाही को मजदूरों की शिकायत पर एसडीएम ने रुकवा दिया। एसडीएम धीरेंद्र खडग़टा ने मौके पर पहुंचकर सभी कागजात एवं रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने मजदूरों से उगाहे गए रुपये भी वापस लौटाने के आदेश दिए। शहर के तलवाड़ा चौक, बलविंद्र सिंह में स्थित बाबा रामदेव मंदिर में पहुंचे मजदूरों राजू, किशनलाल, कपिल, गुरनाम सिंह, भगवानाराम, सतनाम सिंह ने कहा कि यहां के कुछ मिस्त्रियों ने उन्हें श्रम विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए गुरुवार सुबह बाबा रामदेव मंदिर में बुलाया था।
मंदिर परिसर में सिरसा से आए मजदूर नेता नत्थूराम ने स्थानीय मिस्त्रियों के साथ मिलकर एक कैंप लगाया हुआ था। मजदूरों के अनुसार उन्हें बताया गया कि इस कार्य के लिए उन्हें 270 रुपये देने होंगे जिसके बदले में उन्हें कई प्रकार की सरकारी सुविधाएं, आर्थिक सहायता बीमा मिलेगा। वहीं मंदिर परिसर में श्रम विभाग के एक अधिकारी भी अपना काउंटर लगाकर बैठे थे जो उनके फार्म एकत्र कर रहे थे। उक्त लोगों द्वारा दिखाए गए सब्जबाग के चक्कर में आकर मजदूरों ने उक्त लोगों को 270 रुपये अपना आवेदन फार्म जमा करवा दिया। मजदूरों ने जब शहर में अन्य जानकार लोगों से सरकार की इस योजना के बारे में पता किया तो उन्हें रजिस्ट्रेशन फार्म बिल्कुल नि:शुल्क, रजिस्ट्रेशन फीस 25 रुपये सालाना फीस 60 रुपये के हिसाब से कुल खर्चा 85 रुपये बताया गया, जिस पर उन्हें अपने ठगे जाने का एहसास हुआ।
मजदूर नेता नत्थूराम ने बताया कि ये सही है कि वे मजदूरों से 270 रुपये ले रहे हैं। इसमें से 25 रुपये श्रम विभाग की रजिस्ट्रेशन फीस, 60 रुपये विभाग की सालाना फीस, 30 रुपये यूनियन की सदस्यता फीस, 135 रुपये उनकी यूनियन का खर्चा 20 रुपये स्थानीय कमेटी की फीस है। मजदूरों ने यूनियन की सदस्यता के नाम पर लिए जा रहे 185 रुपये की धनराशि को गलत बताते हुए अपने पैसे वापस देने की मांग की। सूचना पाकर एसडीएम धीरेंद्र खडग़टा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
बाबा रामदेव मंदिर परिसर में लगे कैंप में श्रम विभाग के अधिकारी मजदूरों से आवेदन फार्म लेते हुए।