कृष्ण जन्म पर झूमे श्रद्धालु
नंदके हुए कान्हा मैया ले ले बधाई, कान्हा के जन्म की ले लो बधाई, आओ सारे मिलकर झूमे रे भाई, नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की आदि भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। मौका था पानी वाली टंकी के पास स्थित डेरा बाबा सतराम भारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव का।
इस उपलक्ष्य में श्रद्धालु प्रस्तुत भजनों पर झूमने लगे तथा हर कोई भगवान कृष्ण के स्वरूप में आए बाल गोपाल की एक नजर पाने को लालायित हो उठा। समाजसेवी सुरेंद्र नारंग, सुरेंद्र मदान, इंद्रजीत मदान, पूर्व पार्षद सुभाष पपीया अशोक नारंग ने बतौर विशिष्ट अतिथि पूजा अर्चना की।
प्रवचन करते हुए वृंदावन के कथा व्यास अरविंद कृष्णम ने बताया कि जब भगवान कृष्ण का जन्म हुअा तो सभी द्वारपाल सो गए और वासुदेव की हथकडिय़ां ओर बेड़ियां खुल गई जब वासुदेव यमुना पार करके राजा नंद के घर कृष्ण को छोड़कर आए तथा देवी स्वरुपा को लेकर आए। राजा कंस ने जब देवी स्वरुपा को मारने का प्रयास किया तो आलोप होते हुए देवी ने भविष्यवाणी की तुम्हारे को मारने वाला तो पैदा हो चुका है। हिरण्यकश्यप को जब वरदान मिल गया तो वो अपने आपको भगवान समझने लगा।
डेरा बाबा सतराम भारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर झूमते श्रद्धालु।
डेरा बाबा सतराम भारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी प्रस्तुत करते हुए उपस्थित श्रद्धालु।