नए एक्ट से भारतीय नस्ल के गोवंश को मिलेगी पहचान
एकओर जहां जिले प्रदेश भर में सड़क पर घूम रहे पशुओं से हो रहे हादसों को लेकर विषय बना हुआ है, वहीं अब हरियाणा सरकार की ओर से हाल ही में लागू नए एक्ट के बाद एक मुद्दा चर्चा का विषय बन सकता है। हरियाणा सरकार की ओर से पिछले साल नवंबर महीने में लागू किए किए हरियाणा गो संवर्धन एवं संरक्षण कानून के अनुसार केवल इंडीजिनीयस ब्रीड को ही गोवंश माना गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि सड़कों पर घूमने वाले ज्यादातर पशु रूसी अमेरिकन नस्ल के हैं। यदि इंडीजिनीयस ब्रीड के पशुओं का संरक्षण किया जाना है तो विदेशी नस्ल के पशुओं से निजात दिलाने में देरी क्यों की जा रही है। सवाल यह भी है कि इंडीजिनीयस ब्रीड को छोड़कर विदेशी नस्ल के संरक्षण का जिम्मा सरकार लेती है या नहीं, इस बारे में कानून में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में पशुओं की समस्याओं को दूर करने को लेकर प्रयास कर रहे अफसर भी असमंजस में हैं। यहां बताना जरूरी है कि अमेरिकी रूसी सांड ही हादसों का कारण बनते हैं। चलते-चलते सिंग मारना, टक्कर मारने की प्रवृति इस नस्ल के पशुओं में ही है। आमतौर पर यही कहा जाता है कि देशी पशु ऐसा कम ही करते हैं। इसलिए अमेरिकी रूसी सांडों की रोकथाम को लेकर उपाय करना जरूरी है।
आगे के लिए रोकथाम लग सकती है: पीएफए
^मौजूदासमय में अमेरिकी रूसी सांडों को लेकर कुछ नहीं किया जा सकता, लेकिन आने वाले समय में इनकी तादाद बढ़े, इसके लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। एक्ट में कुछ स्पष्ट नहीं है, जिसकी वजह से अफसर भी काम नहीं कर पा रहे हैं। आगामी समय में इनकी तादाद बढ़े, कई उपाय हैँ। इस पर चर्चा करने के बाद रोकथाम लग सकती है।\\\'\\\' विनोदकड़ावासरा, जिला प्रधान, पीएफए
सरकार को लिखें कि मार्ग दर्शन दें: ईओ
^इंडीजिनीयसब्रीड अमेरिकन-रूसी नस्ल को लेकर हमें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस बारे में सरकार को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा जाएगा कि इसे किस रूप में देखा जाए। मौजूदा सभी तरह के पशुओं को नंदीशाला गौशालाओं में रखा जा रहा है। आगे जैसे आदेश होंगे, वैसे किया जाएगा।\\\'\\\' ओपीसिहाग, ईओ, नगर परिषद।
दोनों अलग-अलग ब्रीड हैं: कांशी राम
^हरियाणागौ संवर्धन एवं संरक्षण कानून 2015के बारे में कुछ कह नहीं सकते कि उसके क्या मायने निकाले जाएं। हमारे हिसाब से इंडीजिनीयस ब्रीड अमेरिकन-रूसी नस्ल अलग ब्रीड है। इस बारे में स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकन-रूसी नस्ल के पशुओं को नंदी शालाओं में रखा या नहीं। इस बारे में सरकार स्तर पर ही कोई जवाब दे सकता है।\\\'\\\' डॉ.कांशी राम, उपनिदेशक पशुपालन विभाग।
ये है एक्ट में गोवंश का मतलब
हरियाणागो संवर्धन एवं संरक्षण कानून 2015 के पैराग्राफ 2 में बीफ, गाय, गोवंश, संरक्षण, स्लॉटर के बारे के मतलब बारे बताया गया है।
पैराग्राफ 2 (एफ) ::गोवंश का मतलब गाय उसकी नस्ल।
पैराग्राफ2 (एच): गोसंवर्धनमतलब इंडीजिनीयस ब्रीड की गाय का संरक्षण एवं विकास।
पैराग्राफ2 (जे) : इंडीजिनीयसब्रीड मतलब इंडीजिनीयस गाय की पॉपुलेशन जोकि इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च की रजिस्ट्रेशन कमेटी से मान्यता प्राप्त है।
पैराग्राफ2 (आई) : संरक्षणका मतलब गोवंश का प्रोटेशन एवं संरक्षण