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प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार संकल्पबद्ध: सुनीता

5 वर्ष पहले
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आयुषविभाग की ओर से बाल भवन में प्राकृतिक आयुष चिकित्सा शिविर लगाया गया। जिसका शुभारंभ हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री मनोहर लाल देश प्रदेश के लोगों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य कर रहे हैं। आम जनता को स्वस्थ रखने के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं क्योंकि स्वच्छता स्वास्थ्य में भगवान का वास होता है। स्वस्थ शरीर रहने से ही व्यक्ति समाज राष्ट्र के नव निर्माण में अह्म भूमिका निभाता है।

इससे पहले प्रदर्शनी का भी अवलोकन भी किया। इस मौके पर एडीसी डॉ. जेके आभीर, भाजपा के पूर्व जिला प्रधान भारत भूषण मिड्ढा, एडवोकेट प्रवीन जोड़ा, सत्य रावल, धन्नंजय अग्रवाल, गुलशन छाबड़ा आदि मौजूद रहे। दुग्गल ने कहा कि आयुष आयुर्वेद, योग, युनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी का मिश्रण है। ये सभी प्राचीन पद्धतियां वेदों से प्राप्त हुई हैं, जो हमेशा से सर्वव्यापक है।

आज के युग में इन्हें राष्ट्रीय कार्यक्रम में पुन: स्थूल रूप से स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावानुसार संयुक्त राष्ट्र के सभी 175 देशों ने 21 जून को प्रति वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है, जो देशवासियों के लिए गौरव की बात है।जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनिया ने बताया कि आयुष विभाग द्वारा प्रदेश की जनता का स्वास्थ्य बनाए रखने और रोगियों के रोग को दूर करने के ध्येय को ध्यान में रखते हुए ‘’आहार है औषध, औषध है आहारÓÓ नामक आशा पुस्तक का द्वितीय संकलन प्रकाशित किया गया है।

आयुष चिकित्सा शिविर का शुभारंभ करते हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल।

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