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स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की प्री कंसेप्शन केयर योजना

7 वर्ष पहले
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नवदंपती को परिवार नियोजन के बारे में भी बताया जाएगा

ये जन्मजात विकार हो जाते हैं

प्रेगनेंसीसे पहले और उसके बाद सावधानियां नहीं बरते जाने के कारण कई केस में बच्चों में जन्मजात विकार हो जाते हैं। इससे कुछ मामलों में कटे-फटे होंठ तालू, मस्तिष्क विकृति, मस्तिष्क हर्निया, बच्चों में होने वाले कैंसर, मंद बुद्धि, विकासात्मक विकलांगता, कम वजनी बच्चे बौनापन आदि की समस्या हो जाती है। ऐसे हालत में बच्चा सामान्य जिंदगी नहीं जी सकता और उम्र भर के लिए दूसरों पर निर्भर होकर रह जाता है और परेशानियां झेलता है। विभाग की योजना यदि सफल हुई तो इससे बच्चे इन विकारों से तो बचेंगे ही साथ ही शिशु-मातृ मृत्यु दर में भी कम होगी।

शिशु-मातृमृत्यु दर कम होगी

^स्वास्थ्यविभाग ने प्री कंसेप्शन केयर योजना शुरू कर दी है। इस योजना का गर्भवती महिलाओं को लाभ मिल रहा है। प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली समस्याओं के साथ जन्म से पहले बच्चे में होने वाले विकारों के बारे में पहले ही पेरेंट्स को बता दिया जाता है। रंगीन एक्स-रे के साथ कुछ अन्य टेस्ट भी किए जाते हैं। शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के साथ जन्मजात विकारों को दूर करने के लिए विभाग द्वारा यह सुविधा शुरू की गई है और इससे मृत्यु दर में कमी आएगी। डॉ.एसबी कंबोज, सिविलसर्जन, फतेहाबाद

{बच्चों को जन्मजात विकारों से ग्रस्त होने से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अर्ल्ट।

इंद्रमोहनशर्मा | फतेहाबाद

स्वास्थ्यविभाग की ओर से शिशु मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए और बच्चों को जन्म से पहले ही जन्मजात विकारों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक योजना शुरू की है। योजना का नाम प्री कंसेप्शन केयर नाम दिया गया है।

इस योजना को सही तरीके से घर-घर पहुंचाने के लिए एएनएम और आशा वर्करों की मदद ली जाएगी। योजना के तहत नवदंपती को बच्चों की सुरक्षा के लिए जानकारी दी जाएगी।

योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नवदंपती को विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की ओर से बधाई पत्र भेजे जाएंगे। इसके अलावा परिवार नियोजन की योजनाओं के बारे में भी बताया जाएगा।

इसलिएजरूरत पड़ी इस योजना की

अक्सरकुछ लापरवाही के कारण जन्म से पहले ही बच्चों में विकार/बीमारियां हो जाती हैं।

इससे शिशु मातृ मृत्यु दर में इजाफा होने लगता है। इसलिए इस मृत्यु दर को कम करने के लिए ही विभाग ने योजना तैयार