गुरुद्वारे की जगह को लेकर विवाद
अलग कमेटी के लोग नहीं कर सकते दखल अंदाजी
लोकलगुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रणजीत सिंह भानीखेड़ा ने कहा कि कोर्ट में गोलक के नाम से केस चल रहा है जिसमें गोलक के साथ यह संपत्ति भी शामिल है। यह जगह और दुकानें गुरुद्वारा मंजी साहिब के नाम से है। ऐसे में अलग कमेटी के लोग इसमें कोई दखलअंदाजी नहीं कर सकते।
भास्कर न्यूज | रतिया
फतेहाबादरोड पर पुराना गुरुद्वारा की जगह पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी दावेदारी पेश करते हुए रविवार को पुलिस से शिकायत कर दी। शिकायत के जरिए लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लोगों के खिलाफ कार्वाई की मांग की। उधर, लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कहना है कि यह जगह गुरुद्वारा मंजी साहिब के नाम है जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस भी चल रहा है और स्टेटस को के चलते एचजीपीसी के लोग दखल नहीं दे सकते। फिलहाल मामला बिगड़े इसके लिए पुलिस पूरे मामले पर नजर रख रही है।
बता दें, यहां कमेटी की चार एकड़ जमीन और 49 दुकानें हैं जो लंबे समय से कमेटी किराए पर देती रही है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लोग इसे अपनी मलकीयत बता रहे हैं। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य स्वर्ण सिंह, गुरमेल कमाना, जत्थेदार दर्शन सिंह, सुखपाल सिंह, गुरुदयाल, भूरा सिंह और काला सिंह ने कहा कि सरकार ने हरियाणा में अलग कमेटी का गठन कर दिया है। नये नियमानुसार प्रदेश के वे गुरुद्वारे आैर उनकी जमीनें नई कमेटी के अधीन गई जो पहले एसजीपीसी के अधीन थे। इसी कड़ी में रतिया गुरुद्वारा भी नई कमेटी के अधीन है। इस गुरुद्वारे कि फतेहाबाद रोड पर करीब 4 एकड़ जगह और 49 दुकानें हैं। खाली पड़ी जगह पर मेला लगाया गया है। संचालकों से जगह के किराए के रूप में लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने 15 हजार रुपये की पर्ची काटी है। जो गलत है। कमेटी के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कोर्ट में केस केवल गोलक की संपत्ति का चल रहा है जबकि भूमि गुरुद्वारे उनके अधीन चुके हैं। नये नियमों के मुताबिक पुरानी कमेटी तो दुकानों का किराया ले सकती है और ही आगे किराए पर चढ़ा सकती है। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्यवाही की मांग की।
रतिया। गुरूद्वारा की जगह के विवाद मामले में शिकायत लेकर पहुंचे एचजीपीसी के सदस्य स्वर्ण सिंह, गुरमेल, दर्शन अन्य।