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धन के नहीं भाव के भूखे हैं भगवान: कृष्णम
भगवानमनुष्य की धन संपदा के नहीं बल्कि उसके भावों के भूखे होते हैं ये बात महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के शिष्य अरविंद कृष्णम ने कही। वो पानी वाली टंकी के पास स्थित डेरा बाबा सतराम भारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन कर रहे थे। इससे पूर्व समाजसेवी सुरेश चराईपौत्रा, परमानंद आहूजा विद्यादेवी ने बतौर मुख्य अतिथि पूजा अर्चना में भाग लिया।
उदाहरण देते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जिस तरह से दुर्योधन के मेवों को त्यागकर विधुर के घर साग खाना पसंद किया क्योंकि दुर्योधन को अपने धन और वैभव का अंहकार था लेकिन विधुर द्वारा श्रद्धाभाव से साग खिलाया गया। इसी तरह भगवान श्रीराम ने भाव से खिलाए गए शबरी के झूठे बेरों को भी खाना पसंद किया। इस अवसर पर प्रस्तुत भजन लाडली अदभुत नजारा तेरे बरसाने का है, आजा सांवरिया आजा, दिलदार यार प्यारे गलियों में मेरी आजा, श्रीकृष्ण गोबिंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा पर श्रद्धालु झूम उठे। इस अवसर पर डेरा के गद्दीनशीन श्रीराम बावा ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन कहे। समारोह में प्रबंधक समिति के प्रधान घनश्याम मदान, रामचंद्र मदान, सुभाष गांधी, अमरलाल मदान, लेखराज नारंग, रामशरण आहूजा, मदनलाल मदान, सुरेश सरदाना, मोहनलाल तनेजा, राजकुमार मदान, बब्बू मेहता नरेश मदान सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।
अरविंद कृष्णम्
धािर्मक कार्यक्रम
डेरा बाबा सतराम भारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु।