सबसे प्रेम करें: कृष्णम
मनुष्यको चाहिए कि वो दूसरों के सुखों के कारण उनसे ईष्र्या नहीं प्रेम करें। ये बात महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद के शिष्य अरविंद कृष्णम ने कही। वे पानी वाली टंकी के पास स्थित डेरा बाबा सतराम भारा में गद्दीनशीन बावा श्रीराम की अध्यक्षता में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन कर रहे थे।
इससे पूर्व समाजसेवी सुनील गंभीर विजय मदान ने बतौर विशिष्ट अतिथि पूजा अर्चना में भाग लिया। प्रवचन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि आज मनुष्य अपने दुखों से दुखी नहीं है बल्कि दूसरे के सुखों से दुखी है। इसी कारण मनुष्य दूसरों से ईर्ष्या करना शुरु कर देता है। स्वामी ने कहा कि ईर्ष्या दुखों की जननी है अगर हम दूसरों से ईर्ष्या करने की बजाय प्रेम करेंगे तो हमे दुखों में भी सुख की अनुभूति होगी। उन्होंने कहा कि दूसरों से ईर्ष्या करने वाले पर भगवान भी प्रसन्न नहीं होते अगर हमें भगवान की कृपा का पात्र बनना है तो हमें चाहिए कि दूसरों से प्रेम करें। समारोह में प्रबंधक समिति के प्रधान घनश्याम मदान, रामचंद्र मदान, सुभाष गांधी, जगदीश रहेजा, सुभाष खुराना, अमरलाल मदान, लेखराज नारंग, रामशरण आहूजा, मदनलाल मदान, दीपक आहूजा, सुरेश सरदाना, राजकुमार मदान, नरेश मदान, संजय शर्मा अंकित नारंग उपस्थित थे।
अरविंद कृष्णम्
डेरा बाबा सतराम भारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु।