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एक्सचेंज में कैपरी, निक्कर पहनकर बिल नहीं भर सकते लोग

7 वर्ष पहले
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{ऑफिशियल वर्क के दौरान लोग ड्रेस कोड में यदि दफ्तर आते हैं तो बेहतर होता है।

बजरंगमीणा | फतेहाबाद

फतेहाबादएक्सचेंज में आने वाले आम लोगों के पहनावे को लेकर जारी विभागीय आदेशों से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ड्रेस कोड के संदर्भ में बीएसएनएल एक्सचेंज में उन लोगों को अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी गई जो कि निक्कर या कैपरी पहनकर एक्सचेंज में पहुंचते। मामले को लेकर जब बीएसएनएल विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने इसे मौखिक आदेश बताते हुए सभ्यता, मान-मर्यादा से जोड़कर जरूरी बताया और साथ ही कहा कि यदि आम लोगों को इस तरह के आदेशों से परेशानी है तो विभाग अपने आदेश वापिस ले लेगा।

विभाग को ऐसे मौखिक आदेश देने की जरूरत क्यों पड़ी, इस सवाल का जवाब देते हुए विभाग के अधिकारी ने कहा कि ऑफिस में महिलाकर्मी भी काम करती हैं, दूसरा महिला उपभोक्ता भी ऑफिस में आती हैं। ऐसे में लोगों के कैपरी या निक्कर डालकर ऑफिस में आने से महिला उपभोक्ता और ऑफिस की महिला कर्मियों को माहौल असहज महसूस होता है।

ऑफिशियल वर्क के दौरान लोग ड्रेस कोड में यदि दफ्तर आते हैं तो यह विभाग और आम लोगों, दोनों के लिए ही बेहतर होता है। इसलिए गेट पर सिक्योरिटी गार्ड को मौखिक रूप से कहा गया था कि ऑफिस में निक्कर या कैपरी पहनकर आने वालों को अंदर जाने से रोका जाए।

कुछ यूं हुई उपभोक्ताओं को परेशानी

...तो वापस होंगे आदेश : डीईटी

बीएसएनएल उपभोक्ता दीपक, जितेंद्र, राहुल आदि ने बताया कि कुछ दिन पहले वे बीएसएनएल दफ्तर में फोन का बिल भरने गए। बरसात के कारण उन्होंने कैपरी और निक्कर डाल रखे थे। आरोप है कि जब वे अंदर जाने लगे तो गेट पर ही सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रोक लिया और कहा कि कैपरी या निक्कर डालकर अंदर जाना मना है। इस संबंध में अफसरों ने निर्देश जारी किए हुए हैं। इसके अलावा आम तौर पर भी कई उपभोक्ता रूटीन काम से अाते-जाते हुए अपना फोन बिल या शिकायत निवारण के लिए कैपरी, निक्कर पहने हुए बीएसएनएल दफ्तर में चले जाते हैं।

आम लोगों को निक्कर या कैपरी पहनकर बीएसएनएल दफ्तर में आने से रोकने के आदेश हम थौंप नहीं सकते। केवल शिष्टाचार और सभ्यता के नाते लोगों को जागरूक करने के लिए मौखिक आदेश दिए गए थे। अगर लोगों को इस तरह के आदेशों से शिकायत है तो हम अपने जारी आदेश वापिस ले लेंगे।

राजेंद्रसिंह लाठर, डीईटी