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भगवान की कृपा से दुखों का होता है अंत: शांत योगानंद

7 वर्ष पहले
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अगरमनुष्य पर भगवान की कृपा हो जाए तो मनुष्य के दुखों का अंत हो जाता है। ये बात शांत योगानंद ने बीघड़ रोड स्थित योग अनुभव मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा के लिए मनुष्य को उसका पात्र भी बनना पड़ता है। भगवान की कृपा के पात्र हम तभी बनेंगे जब हम अपने गुरुजनों के दिखाए गए मार्ग पर चलकर भगवान की भक्ति करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वृतांत भी सुनाया। शांत योगानंद ने कहा कि जिस समय भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ तो भगवान की ऐसी कृपा हुई कि सभी द्वारपाल गहरी नींद में सो गए और उनकी माता देवकी और पिता वासुदेव के सब बंधन खुल गए। यहीं से ही माता देवकी और वासुदेव के दुखों का अंत हुआ।