लिंगानुपात के सही आंकड़ों के लिए सर्वे
लिंगानुपातके सही आंकड़ों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग स्पेशल सर्वे करवाएगा। इस स्पेशल सर्वे की जिम्मेवारी आंगनबाड़ी वर्करों, आशा वर्करों और एएनएम को सौंपी गई है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि आम तौर पर स्वास्थ्य केंद्रों या सिविल अस्पतालों में दर्ज होने वाले आंकड़े वहां होने वाली डिलीवरी केसों पर आधारित होते हैं। ऐसे में महिला स्थाई रूप से किसी और जगह की रहने वाली होती है जबकि उसकी डिलीवरी का रिकार्ड संबंधित स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में ही दर्ज रहता है। ऐसे में उसकी गिनती अपने उस गांव के लिंगानुपात में नहीं हो पाती जहां की महिला निवासी होती है। ऐसे में विभाग अब अपने स्पेशल सर्वे में सभी गांवों के लिंगानुपात का सही आंकड़ा पता लगाने की कोशिश करेगा।
स्पेशल सर्वे से मिलेंगे सही आंकड़े : सिविल सर्जन
^विभागमें महिलाओं की डिलीवरी के आंकड़ों के आधार पर लिंगानुपात के आंकड़े तैयार होते हैं। इन आंकड़ों से गांवों में लिंगानुपात के सही आंकड़ें नहीं मिल पाते। गांवों में लिंगानुपात की सही स्थिति मालूम करने के लिए स्पेशल सर्वे के आदेश दिए गए हैं जिसकी जिम्मेवारी एएनएम, आशा वर्करों और आंगनबाड़ी वर्करों को सौंपी गई है।’’ डा.एसबी कंबोज, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।