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परमात्मा पाना है तो स्वयं को मिटाएं: संत राजदास

6 वर्ष पहले
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अगरहमने परमात्मा को पाना है तो हमें अपने आपको मिटाना होगा। ये बात कैमरी के राष्ट्रीय युवा संत राजदास महाराज ने कही। वो मेन बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर मढ़ी में वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित सत्संग समारोह के समापन अवसर पर प्रवचन कर रहे थे। प्रवचन करते हुए संत ने कहा कि जब तक मनुष्य अपने अहंकार अर्थात अपनी मैं को नहीं त्यागता तब तक उसे परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि परमात्मा के रास्ते पर हम अगर एक कदम चलेंगे तो वो दस कदम हमारी और आएगा। संत राजदास ने कहा कि परमात्मा को पाने के लिए हमें अपने आपको मीरा की तरह बनाना होगा। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नामदेव ने श्वान में भगवान की प्राप्ति कर ली। नामदेव को विश्वास हो गया था कि वो उसके भगवान हैं। आजकल के भौत्तिकवाद में फंसकर मनुष्य परमात्मा को पाने के लिए भटकता रहता है जिस कारण उसे दुखों का सामना भी करना पडता है। उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य संत के द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चले तो भी उसे परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है। सच्चा संत वही है जो अपने शिष्यों को परमात्मा को पाने का रास्ता दिखाता है।

समारोह में भाजपा जिला उपाध्यक्ष विज्ञानसागर बाघला, जिला महामंत्री विनोद जग्गा, जिला सचिव रामचंद्र रेल्हन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रमेश मेहता, ललित मेहता ने बतौर विशिष्ट अतिथि पूजा अर्चना में भाग लिया। इस अवसर पर भिवानी के संत जुगल किशोर गिरी गद्दीनशीन गौस्वामी अर्जुनदेव ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को आर्शीवचन कहे। इस अवसर पर पानीपत से आए कलाकारों द्वारा मनमोहक झांकियां भी प्रस्तुत की गई।

मेन बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर मढ़ी में आयोजित वार्षिकोत्सव में सत्संग समारोह के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए संत राजदास।