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लाखों खर्च,फिर भी रात को गुल रहती हैं ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें
शहरमें स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर नगर परिषद प्रशासन की ओर से हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन फिर भी व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। ज्यादातर पार्षद मौजूदा व्यवस्था को लेकर नप प्रधान, ईओ अन्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष अक्सर अपना असंतोष व्यक्त भी करते रहते हैं। लेकिन फिर भी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। नतीजतन, रात को शहर के ज्यादातर एरिया में अंधेरा पसरा रहता है। अंधेरे में अपराधिक प्रवृत्ति के लोग किसी किसी अपराध को अंजाम देने के लिए सक्रिय रहते हैं।
हाइवे,स्टेट हाइवे पर गुल रहती हैं स्ट्रीट लाइटें
हैरतकी बात तो यह है कि शहर के बीच में से गुजर रहे नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे पर भी लगी स्ट्रीट लाइटों में से 29 प्वाइंट ऐसे हैं जिन पर स्ट्रीट लाइट खराब है। इतना ही नहीं हाइवे पर स्थित लाल बत्ती चौक पर लगी सभी लाइटें भी खराब हैं। इन मार्गों पर वाहनों का भी आवागमन अन्य मार्गों की तुलना में ज्यादा रहता है और अंधेरा होने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।
इनवार्डों में भी ठीक नहीं स्ट्रीट लाइट
वार्ड2, 6, 7, 14, 15 और 19 के अलावा कुछ अन्य वार्डों में भी ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। वार्ड 2 के पार्षद प्रतिनिधि चंद्र मेहता ने बताया कि उनके वार्ड में 25 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। वार्ड 6 के पार्षद रमेश गिल्हौत्रा के मुताबिक उनके वार्ड में भी 25 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। जबकि वार्ड 7 के पार्षद प्रतिनिध डॉ. रमेश धींगड़ा के मुताबिक उनके वार्ड की लगभग सभी स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और वार्ड 14 की पार्षद ज्योति मेहता, वार्ड 15 के पार्षद सुरेद्र मिढ़ा के मुताबिक उनके वार्ड की लगभग डेढ़ दर्जन स्ट्रीट लाइटें खराब हैं और वार्ड 19 के पार्षद दर्शन नागपाल के मुताबिक उनके वार्ड में 25 स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। नागपाल ने यह भी बताया कि उन्होंने तो नगर परिषद के शिकायत रजिस्टर में भी इस बारे में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई हुई है लेेकिन फिर भी कोई सुध नहीं ली गई है।