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गो सेवकों पर दर्ज केस वापस लिए तो ईवीएम नहीं आने देंगे

7 वर्ष पहले
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संत गोपालदास के नेतृत्व में जीटी रोड पर प्रदर्शन करते समर्थक पहंुचे लघु सचिवालय

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भास्करन्यूज | फतेहाबाद

गोतस्करी के आरोप में पकड़े गए ट्रक को आग लगाने की घटना में पुलिस द्वारा गौ सेवकों पर दर्ज केस खारिज करने की मांग को लेकर सोमवार को को गो सेवकों ने शहर में पुलिस के खिलाफ रोष मार्च निकाला। संत गोपालदास ने प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया। संत गोपाल दास ने पुलिस प्रशासन को कोसते हुए चेतावनी दी कि यदि उक्त केस जल्द ही रद्द नहीं किया गया तो यह आंदोलन दो-चार गांवों निकल कर जिले बाद में प्रदेश भर के गांवों तक फैल जाएगा। इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव आने पर ईवीएम को गांवों में नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बाद लोगों ने डीसी राजीव रतन को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मांग की गई है कि गो सेवकों के खिलाफ भट्टू पुलिस द्वारा केस दर्ज किया गया है उसकी हकीकत पुलिस को पता है। उन्होंने कहा कि ट्रक गायों से भरा था और गो सेवकों पर झूठी कार्रवाई की गई है। संत गोपालदास ने कहा कि सरकार गायों की रक्षा करने में असफल है और जो लोग गऊओं की रक्षा करने में लगे हैं उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गऊओं के हालात क्या हो चुके हैं सबके सामने हैं। गाय को माता का दर्जा हिंदू समाज ने दिया है लेकिन सरकार गायों के हालातों से मुहं फेरकर गऊ माता और हिंदू समाज का अपमान कर रही है। जो लोग गो सेवा नहीं कर सकते, उनकी सुरक्षा नहीं कर सकते, उन्हें वोट लेने का भी कोई अधिकार नहीं है।

मुर्दाबादकी बजाए जिंदाबाद के नारे लगे

लघुसचिवालय में प्रदर्शन कर रहे गौ सेवकों ने मुर्दाबाद की बजाए जिंदाबाद के नारे लगाए। लोगों ने पहले मुर्दाबाद के नारे लगाए, लेकिन कई देर तक डीसी ज्ञापन लेने के लिए नीचे नहीं आए तो वक्ताओं ने कहा कि शायद डीसी साहब मुर्दाबाद के नारे सुनकर नीचे नहीं रहे हैं। इसलिए अब हम लोग जिंदाबाद के नारे लगाएंगे। जिंदाबाद के नारे सुनकर डीसी साहब को खुशी मिले नीचे जाएं, लेकिन कई देर तक हंगामा होने के बावजूद डीसी नीचे नहीं आए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी राजीव रतन के कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा। डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस बारे में उच्चाधिकारियों से बात कर कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन में ज्ञापन देने वालों में योगेशानंद आर्