पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • एडीओ की नौकरी छोड़ भूथन का राजकुमार बना लेफ्टिनेंट

एडीओ की नौकरी छोड़ भूथन का राजकुमार बना लेफ्टिनेंट

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हिसारमें कृषि अधिकारी पद पर कार्यरत भूथनकलां के राजकुमार अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनका चयन गोरखा राइफल में हुआ है। उनके परिवार में दादा पिता भी सेना में रह चुके हैं। सेना में सेवा भावना के चलते राजकुमार ने कृषि अधिकारी की नौकरी छोड़ सेना में जाने का निर्णय लिया। करीब एक साल की ट्रेनिंग के बाद उनका चयन कर लिया गया। सेना के अधिकारियों ने उसे मेडल स्टार लगाकर यह पद सौंपा।

भूथनकलां गांव के मुंशी राम का बेटा राजकुमार लेफ्टिनेंट बना है। मुंशी राम खुद भी सेना में सूबेदार, मेजर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। वह जाट रेजीमेंट में थे। वहीं राजकुमार के दादा जी राम बिजराणियां पंजाब रेजीमेंट में सिपाही रहकर देश की सेवा में भागीदारी कर चुके हैं।

आर्मी की गोरखा रेजीमेंट में लेफ्टिनेंट चयनित हुआ गांव भूथनकलां का राजकुमार अपने पिता सूबेदार मुंशीराम भाई राजेश के साथ।

एचएयू से की एमटेक

राजकुमारके भाई राजेश कुमार ने बताया कि राजकुमार हम चार-भाई बहनों में सबसे छोटा है। उसने फतेहाबाद के मदर टैरेसा स्कूल से मिडल की पढाई की तो 12वीं कक्षा टोहाना के कर्नल स्कूल से पास की। उसके बाद उसने एचएयू से एमटेक पास की। इस दौरान राजकुमार की कृषि विकास अधिकारी के पद नौकरी लग गई। चूंकि हमारा परिवार शुरू से ही सेना से जुड़ा रहा है। दादा पिता की देश सेवा भावना से वह भी प्रेरित हुआ था। इसके चलते उसने भी सेना में जाने का निर्णय लिया। उसकी मेहनत भावना के चलते उसका चयन सेना में बतौर लेफ्टिनेंट हुआ है।