गाय को माता कह रहे, फिर भी सम्मान नहीं
अनाजमंडी फतेहाबाद के शैड के नीचे रविवार को गौ-रक्षा सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन का आयोजन शहीद भगत सिंह नौजवान सभा, स्वदेशी मंच गो-रक्षा दल की ओर किया गया। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे स्वामी हरिहरानंद महाराज ने कहा कि देश और धर्म की संस्कृति को बचाने के लिए गो माता काे बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय नस्ल की गायों की धार्मिक गुणवत्ता इतिहास में दर्ज हैं।
उन्होंने कहा कि देश में आज गायों के जो हालात बने हुए हैं वह हिंदू के लिए किसी अपमान से कम नहीं है। स्वामी हरिहरानंद ने कहा कि भारत जैसे देश में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है लेकिन खराब हालात से जूझ रही गायों की रक्षा के लिए देशवासियों में माता के प्रति समर्पण की कमी देखी जा रही है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया देश में गायों को बचाने के लिए सफल आंदोलन की जरूरत है और हर हिंदू को अपने धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए गायों की सुरक्षा के लिए अागे आना होगा। इस मौके पर मुंबई से पहुंचे विशेष अतिथि उत्तम मेहश्वरी, डा. सरदाना, अशो कुमार पूनिया, प्रदीप कुमार कालीरामना ने भी गो-रक्षा से जुड़े पहलुओं पर गंभीरता से ध्यान देने पर जोर दिया। इस मौके पर काफी संख्या में गोभक्त सम्मेलन में उपस्थित रहे।
स्वामी हरिहरानंद
अनाजमंडी शेड के नीचे आयोजित गौ रक्षा सम्मेलन में मंचासीन अशोक पूनिया, उत्तम महेश्वरी, डॉ. सदाना अन्य।