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ट्रांसफर के लिए छोड़नी होगी सीनियोरिटी

6 वर्ष पहले
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शिक्षाविभाग द्वारा टीचर्स के लिए नई तबादला नीति की घोषणा की गई है। इस नीति के तहत अंतर जिला तबादला प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तबादले शर्तों के आधार पर होंगे। लेकिन कई टीचर्स को ट्रांसफर की यह नीति नापसंद है।

इसमें सीनियोरिटी का मुद्दा शिक्षकों को खटक रहा है क्योंकि आपसी सहमति के आधार पर दोनों अध्यापकों को अपने मूल जिले की सिनियोरिटी छोड़नी होगी। ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन करने होंगे। यह प्रक्रिया 15 फरवरी से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगी। लेेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया से कई टीचर्स नाखुश हैं।

नए नियमों के अनुसार जिला काडर में होने के कारण जेबीटी शिक्षकों के तबादले के साथ ही उनकी वरिष्ठता समाप्त हो जाती है। यानि किसी शिक्षक ने वर्ष 2004 में जेबीटी शिक्षक के पद पर नौकरी शुरू की। यदि वह वर्ष 2015 में तबादला करा लेता है तो वह 2011-12 में भर्ती हुए शिक्षकों से भी जूनियर माना जाएगा।

साझेतौर पर देना होगा प्रभावितों को आवेदन

आपसीसहमति से तबादले की सूरत में दोनों अध्यापकों को तबादले के लिए साझे तौर पर लिखित आवेदन करना होगा। दोनों अध्यापकों में से एक अध्यापक तय समय में नए स्टेशन पर ज्वाइन नहीं करता तो दोनों अध्यापकों का तबादला रद्द हो जाएगा।

^टीचर्स की नई तबादला नीति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होगी। सत्तापक्ष के चंद असरदार नेता अपने चहेते टीचरों का ट्रांसफर मनपसंद जगह पर करवाने में सफल हो जाएंगे, शेष ताकते रह जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की बजाय संबंधित अधिकारी के पास ट्रांसफर आवेदन करने की प्रक्रिया को ही लागू करना चाहिए।\\\'\\\' राजपालमिताथल, राज्य कमेटी सदस्य, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ।

मैरिट बनाएंगे अधिकारी

ट्रांसफरके लिए अध्यापकों से 15 फरवरी से 25 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इसके बाद 29 मार्च तक शिक्षा अधिकारी मैरिट बनाकर निदेशालय भेजेंगे। शिक्षा विभाग की वेबसाइट से ट्रांसफर एप्लीकेशन डाउनलोड किया जा सकता है। इस नीति के तहत अतिथि अध्यापकों और ठेके पर रखे अध्यापकों के तबादला संबंधित आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। बहरहाल फैसला आते ही शिक्षिकाओं ने तबादले को लेकर तैयारी शुरु कर दी है।

पतियों के आधार पर मिलेगी प्राथमिकता

जेबीटीकी ऐसी अध्यापिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पति शिक्षा विभाग के जिला काडर में कार्यरत हों या राज्य सरकार के किसी भी विभाग के जिला काडर में कार्यरत हों। नौकरी में आने के बाद शादी करने वाली अध्यापिकाओं को उनके पति या ससुराल के जिले में तबादले को प्राथमिकता दी जाएगी। की प|ी को तबादलों में तवज्जो दी जाएगी।