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कॉटन की फसल में बीमारी लगते ही लग जाएगा पता

7 वर्ष पहले
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कॉटनकी फसल में किसी क्षेत्र में कौन सी बीमारी फैल रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों वैज्ञानिकों को ऑन लाइन पता लग पाएगा। कॉटन में बीमारी की रोकथाम के लिए तुरंत प्रयास किए जाएंगे। कपास अनु संस्थान संस्थान क्षेत्रिय स्टेशन सिरसा के वैज्ञानिकों ने ऑन लाइन वेस्ट मॉनिटरिंग एंड एडवाईजरी सिस्टम तैयार किया है। योजना के अनुसार वैज्ञानिकों ने सिरसा फतेहाबाद जिले के दस दस गांवों का चयन किया है। जिसमें पहले कॉटन के खेता में इस विषय पर कार्य शुरू किया जाएगा। प्रदेश में सिरसा जिला कॉटन काउंटी जिला माना जाता है। जिले में 2 लाख 8 हजार हेक्टेयर पर कॉटन की बिजाई की जाती है।कपास अनु संस्थान संस्थान के वैज्ञानिकों ने योजना तैयार की है। जिसमें कॉटन के चयनित गांवों में समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। जिसमें चयनित गांवों में कॉटन की फसल में किस समय कौन सी बीमारी लगी हुई है। वहीं मित्रकीट कौन-कौन से फसल में मौजूद है। इसकी वैज्ञानिक पहचान करेंगे। इसके के लिए हर सप्ताह फिल्ड वर्कर खेतों में जाकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद ये रिपोर्ट ऑनलाइन वेबसाइट पर डाली जाएगी।