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गन्नौर के सेक्टर में रहने का लोगों का सपना लटका

7 वर्ष पहले
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करीबडेढ़ वर्ष से गन्नौर के सेक्टर-7 8 में प्लाट पाने का सपना संजोए बैठे गन्नौर वासियों को इस खबर से झटका लग सकता है। हाई कोर्ट ने किसानों के एतराज के बाद दोनों सेक्टर पर स्टे कर दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों सेक्टरों के अधिग्रहण की प्रक्रिया अब नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत की जाएगी। जबकि हुडा विभाग ने दो वर्ष से जो काम किया था वह व्यर्थ गया। हुडा दोनों सेक्टरों की प्लानिंग पर मई 2013 से कार्य कर रहा था। जिसके लिए तकरीबन आधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

बड़ी गांव के किसान दीपक, अरुण ने कहा कि जमीन से ही उनका पेट पाल रहा है ऐसे में कैसे अपने जीवन भर के रोजगार को कौड़ियों के भाव बेच दें। उनकी करीब नौ एकड़ जमीन सेक्टर सात आठ के लिए अधिग्रहण की जा रही थी। यह जमीन जाने के बाद पूरे परिवार का भरण पोषण करना उनके लिए कठिन हो जाता। इसके साथ जो पैसे जमीन बेचकर मिलते उससे कहीं और भी जमीन नहीं खरीद सकते, क्योंकि सब जगह जमीन के भाव आसान छू रहे हैं। सरकार को जमीन का चार गुणा मुआवजा नहीं बल्कि 10 गुणा मुआवजा देना चाहिए।

गन्नौर में प्रस्तावित सेक्टर-7 8 के लिए हुडा द्वारा करीब 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही थी। प्रस्तावित इन दोनों सेक्टरों की लोकेशन बेहतर है, क्योंकि दोनों हाई वे से सटे हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल मार्केट के नजदीक है। जिससे साफ है कि दोनों सेक्टरों के बसने का व्यापारी अन्य लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि दोनों सेक्टरों पर हाईकोर्ट से स्टे होने पर बड़ी गांव गन्नौर के किसानों में अपार खुशी है। हुडा अब तक किसानों की जमीन का पुरानी भूमि अधिग्रहण नीति के तहत अधिग्रहण कर रहा था। जिससे किसान बेहद दुखी थे और उन्होंने मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने किसानों के एतराज के बाद दोनों सेक्टर के सेक्शन-6 पर स्टे कर दिया है। जिसके बाद से किसानों को उम्मीद बंध गई है कि अब उन्हें नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत 4 गुणा मुआवजा मिलेगा।

गन्नौर में सेक्टर-7-8 के लिए शुरू की गई भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सेक्शन-6 पर होई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। किसानों को पुरानी भूमि अधिग्रहण नीति पर एतराज था और उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। ऐसे में अब जब तक स्टे नहीं टूटेगा, अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं हा़े सके