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सारे सुखों का एक ही तो मूल मंत्र है प्रीत करना : गुलाटी

6 वर्ष पहले
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संतनिरंकारी मंडल के सचिव सीएल गुलाटी ने कहा कि धन, दौलत, वैभव के लिए जो इंसान दौड़ लगा रहा है यह तो परछाई है। जब हम सेवा करेंगे तो दौलत खुद खुद आपके पास दौड़ी आएगी। गुरु का ज्ञान खुद की पहचान कराता है। जिसको अपनी हकीकत का पता चलता है वह खुशहाल हो जाता है। गुरु की सौगात और अपनी औकात को याद रखने वाले मान बड़ाई यश कीर्ति से ऊपर उठकर मानव सेवा में जीवन जीते हैं। संतों के साथ प्रीत करना, सारे सुखों का मूल मंत्र है। जिसके हृदय में दूसरों के प्रति विनम्रता आई, वो सबको अपना समझने लगा तो फिर अहम के रोग से मुक्त हो जाएगा। अहम ऐसा रोग है जिसकी दवाई कहीं और नहीं मिलती। सतगुरु के चरणों में सीस झुका लें तो तेरी काया निरोगी हो जाएगी। यह उसी तरह से है जैसे पानी पीने के लिए झुकते हैं और प्यास बुझाते हैं। इसी तरह है तो जीवन में नम्रता को अपनाते हैं वो जीवन को खुशहाल पाते हैं। सत्संग में सत्य का साथ मिलता है संतों का प्रेम प्राप्त होता है। आओ मिलकर रहने की शिक्षा को व्यवहारिक बनाएं और दिव्य गुणों से अलंकृत हों।

गन्नौर . निरंकारीसंत सीएल गुलाटी वसंत विहार स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में प्रवचन करते हुए