बिना आई-कार्ड के नहीं होगी एंट्री
कॉलेजछात्र अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए कक्षाओं का बहिष्कार कर गेट के बाहर जाते हैं। इससे कॉलेज में पढ़ाई बाधित होती है। बीते करीब 20 दिनों में छह बार ऐसा हो चुका है। इसे देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। कॉलेज ने बाहरी छात्र या युवकों की कॉलेज में एंट्री पूरी तरह रोक दी है। अब कॉलेज में केवल उन्हीं छात्रों को कॉलेज परिसर में जाने अनुमति होगी, जिनके पास कॉलेज द्वारा जारी किया गया आई-कार्ड होगा। यदि कार्ड नहीं होगा तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। इस बारे में छात्रों को सूचित करने के लिए कॉलेज ने नोटिस भी जारी कर दिया है।
कॉलेज में बाहरी छात्रों या युवकों पर निगरानी रखने के लिए सीसी कैमरा लगाया गया है, लेकिन वह पिछले कई दिनों से खराब पड़ा हुआ है। जिसका फायदा उठाते हुए कुछ बाहरी छात्र कॉलेज परिसर में घूमते रहते हैं। बाद में कुछ छात्र इनके साथ मिलकर प्रदर्शन करना शुरू कर देते हैं। इससे अन्य बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। इस पर निगरानी रखने के लिए कॉलेज प्रशासन ने आई-कार्ड अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। जिससे बाहरी छात्र या युवकों के हस्तक्षेप को कम किया जा सके। उल्लेखनीय है कि बीते करीब 20 दिनों में छह बार कक्षाओं का बहिष्कार किया जा चुका है। हर बार मामला खराब रिजल्ट का था। प्राचार्य का कहना था कि छात्र उनके पास अपनी शिकायत लेकर नहीं आते। यदि उनके पास आएं तो समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
गेटपर ही होगी आई-कार्ड की जांच : कॉलेजद्वारा छात्रों के आई-कार्ड की जांच गेट पर ही की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। जिससे छात्रों के साथ आने वाले अन्य छात्रों को गेट पर ही रोका जा सके।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यदि कोई जबरन अंदर आने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था कॉलेज में पढ़ाई का माहौल बनाने के लिए बनाई जा रही है। जिससे छात्र अच्छे नंबर के साथ पास हो सकें।
^ कॉलेज के सभी छात्रों के लिए आई-कार्ड अनिवार्य किया गया है। इस बारे में छात्रों को बताने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है। ताकि कॉलेज में आते समय छात्र अपने साथ आई-कार्ड लेकर आएं। प्रयास किया जा रहा है कि कॉलेज में अनुशासन बना रहे। जिससे छात्रों को पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिल सके।\\\'\\\' सनंदनशर्मा, प्राचार्य,रा