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नवरात्र पर बाजारों में सज गईं दुकानें

7 वर्ष पहले
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नवरात्र25 सितंबर से शुरू होंगे। बाजारों में नवरात्रों में प्रयोग होने वाली पूजा साम्रग्री और अन्य सामान की खरीददारी भी शुरू हो गई है। वहीं मंदिरों को भी सजाने का कार्य शुरू कर दिया है। पंडितों का कहना है कि नवरात्रों में व्रत रखने से मनोकामना पूरी होती है।

पंडित महेंद्र का कहना है कि नवरात्र का विशेष महत्व है। इस नवरात्र पर कोई भी कार्य प्रारंभ करने से लाभ होगा, क्योंकि काफी सालों के बाद ऐसा योग बना है। जिसमें सभी ग्रह अपने-अपने स्थान पर बैठे हैं। नवरात्रों में कन्या पूजन से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

उन्होंने बताया कि पूजा करने से मनोकामना पूरी होगी। वहीं नवरात्रों को देख बाजार में पूजा की साम्रग्री खरीदने वालों की संख्या बढ़ रही है। जिसे देख दुकानदारों ने भी सामान को दुकान के बाहर रखा हुआ है।

पूजाकी विधि :पंडितकृष्ण लाल शर्मा ने बताया कि श्रीदुर्गा पूजा विशेष रूप से वर्ष में दो बार चैत्र अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक होती है। देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। भगवती दुर्गा का साधक स्नान करने के बाद शुद्ध वस्त्र पहनकर पूजा स्थल को सजाए। दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित करे।

मूर्ति की दाई ओर कलश की स्थापना करें। कलश के सामने मिट्टी और रेत मिलाकर जौं बो दे। मंडप के पूर्वी ओर दीपक की स्थापना करें। पूजा में सर्वप्रथम गणेश की पूजा करें। इसके बाद अन्य देवी-देवताओं का पूजन करें।

पूजनसामग्री: पूजनमें चंदन, रौली, अक्षत, पुष्प, पुष्पमाला, धूप, दीप, नैवेध, फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, आरती, कलश आदि का प्रयोग किया जाता है।

कन्यापूजन से मिलता है विशेष लाभ: नवरात्रके अवसर पर 8 या 9 दिन तक पूजा की जाती है। महाष्टमी या रामनवमी की पूजा करके कुमारी कन्याओं को भोग खिलाया जाता है। कन्या पूजन में 9 कन्या हों तो अति उतम है नहीं तो कम से कम दो कन्या होनी चाहिए।

नौ कन्याओं को नौ देवियों का स्वरूप माना जाता है। कुमारी कन्याओं को भोग खिलाने के बाद अपने सिर पर अक्षत छुडवाएं दक्षिणा आदि दें। ऐसा करने से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

गोहाना. पुरानीअनाज मंडी में दुकान में रखा सामान इनसैट में पंडित कृष्ण लाल शर्मा।