पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • महिला कॉलेजों को महिला विवि से जोड़ने के लिए सीएम से मिलेंगी कुलपति

महिला कॉलेजों को महिला विवि से जोड़ने के लिए सीएम से मिलेंगी कुलपति

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बीपीएसमहिला विवि ग्रांट के बलबूते खड़ी हो गई है। छात्राओं ने शिक्षा ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्र में भी देश भर में नाम कमाया है। शिक्षा के क्षेत्र में विवि की नीतियां प्रदेश भर में लागू हों, इसके लिए नए सेंटर खोले गए हैं। अब विवि जिले के महिला कॉलेजों को साथ जोड़ने पर विचार कर रहा है। इस प्रपोजल को लेकर जल्द ही विवि कुलपति सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी मिलेगी। ताकि इन कॉलेजों को जोड़कर विवि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो सके और भविष्य में अपने खर्चे के लिए विवि यूजीसी और सरकार पर आश्रित रह सके।

वर्ष 2006 में तत्कालीन सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने गुरुकुल को महिला विवि का दर्जा देने की घोषणा की थी। ग्रामीण क्षेत्र में महिला विवि स्थापित करके इसे चलाने के लिए सरकार ने अपने स्तर पर ग्रांट जारी की थी। जिसके बाद विवि में नए भवन और छात्रावास का निर्माण किया जा चुका है। विवि के बनने के आठ वर्ष बाद भी जिले के महिला कॉलेजों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान करने के लिए मदवि , रोहतक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जबकि कई बार टीचर एसोसिएशन द्वारा लड़कियों के कॉलेजों को खानपुर विवि के साथ जोड़ने की मांग उठ चुकी है। जिसे देखते हुए अब विवि भी इस पर विचार कर रही है। कुलपति स्वयं इस मामले को लेकर सीएम से मिलेगी। जिससे जिले की लड़कियों को इसका फायदा मिल सके। उल्लेखनीय है कि जिले में लड़कियों के सात कॉलेज हैं। इनमें 12 से 15 हजार लड़कियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। गोहाना राजकीय कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा सुमन, कविता का कहना है कि यदि महिला विवि से कॉलेज जुड़ जाएं तो लड़कियों को रोहतक नहीं जाना पड़ेगा। वैसे भी आज लड़कियों की यात्रा सुरक्षित नहीं रही है। इसलिए भाई या फिर पिता को अपने साथ लेकर जाना पड़ता है।

सात हजार छात्राओं पर चल रहा है खानपुर का महिला विवि

महिलाविवि के अंतर्गत लॉ कॉलेज, बहुतकनीकी संस्थान, आयुर्वेदिक कॉलेज, कॉलेज आफ एजुकेशन, गर्ल्स कॉलेज, कन्या गुरुकुल स्कूल आदि संचालित हैं। इनमें करीब सात हजार छात्राएं पढ़ती हैं। इसके अलावा जींद, रेवाड़ी जिले और भैंसवाल गांव में भी रीजनल सेंटर शुरू किए गए हैं।

छोटूरामविवि के साथ भी जोड़े थे इंजीनियरिंग कॉलेज

सरकारने वर्ष 2006 में महिला विवि और छोटूराम विवि बनाने की घोषणा की थी। विवि के साथ जिले भर के करीब 21 कॉलेजों को जोड़ा गया