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बूंदाबांदी से सात डिग्री पारा गिरा, हुआ ठंड का अहसास
शुक्रवाररात से शुरू हुई बूंदाबांदी से पारा में एकाएक गिरावट गई। शनिवार को जहां पारा 21 डिग्री पर था, वह शनिवार को गिरकर 14 डिग्री पर पहुंच गया। दिसंबर माह में शनिवार का दिन सबसे ठंडा था। पारा गिरने के साथ ही लोगों को ठंड का अहसास हो गया। कई स्थानों पर अलाव जलाकर ठंड से राहत ली। बूंदाबांदी को मौसम वैज्ञानिक गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गेहूं के पौधे की बढ़वार अच्छी होगी। वही डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी है।
पाकिस्तान से आए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मौसम में एकाएक बदलाव आया है। इसका कारण शुक्रवार को हुई बूंदाबांदीी है। यह बूंदाबांदी शनिवार को भी जारी रही। मौसम विभाग की माने तो अगले कई दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेगें और बरसात हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन बूंदाबांद के कारण दिन का तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया। एकाएक बढ़ी ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दिन में ठंड से राहत पाने के लिए लोगों ने जगह-जगह पर आग जलाई।
बाजारमें चहल-पहल हुई प्रभावित: शनिवारदिन में हुई बूंदाबांदी के साथ शीत लहर चलने से लोग घरों में ही दुबके रहे। बाजार में ग्राहकों की चहल-पहल कम रही। अचानक तापमान में आई गिरावट ने ठिठुरन बढा दी। सर्दी के कारण दिन भर बाजार में बहुत ही कम संख्या में ग्राहक पहुंचे। दुकानदारों का कहना है कि बूंदाबांदी से तापमान में तेजी से गिरवट आई है। बाजार में जो ग्राहक पहुंच रहे हैं वे सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों की मांग कर रहे हैं।
बच्चोंतथा बुजुर्गों को रखनी होगी सावधानी: अचानकबदले मौसम से सबसे अधिक बच्चे तथा बुजुर्ग प्रभावित होंगे। डॉक्टर ईश्वर सिंह पुनिया ने बताया कि सर्दी के मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गों को विशेष सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। सांस की बीमारी, जोड़ों के दर्द, हृदय रोग, गले संबंधी रोगियों की परेशानी अधिक बढ़ेगी। उन्हें विशेष रूप से सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि अचानक आए मौसम में बदलाव में शरीर का तापमान को सामान्य बनाए रखें। सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों का प्रयोग करें। परेशानी अधिक होने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
गेहूंकी फसल के लिए फायदेमंद: कृषिविभाग के एसडीओ राजेंद्र मेहरा ने बताया कि