जमानत मिलने के बाद पहलवान बोले, मंथली नहीं देने पर किया हमें गिरफ्तार
पहलवानोंको गिरफ्तार करके पैदल ही थाना तक ले जाने का दांव पुलिस पर उल्टा पड़ सकता है। गिरफ्तार किए गए पहलवानों ने कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद पुलिस पर मंथली मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसी भी पहलवान का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। फिर भी उन्हें शहर की शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इतना ही नहीं पुलिस के पास गाड़ी होते हुए भी उन्हें बाजार के बीच पैदल ही लेकर गए।
अखाड़ा संचालक कृष्ण पहलवान और संदीप पहलवान का आरोप है कि पुलिस ने अखाड़ा में अभ्यास करने वाले पहलवान और उनसे मिलने के लिए आए बच्चों को भी नहीं बख्शा। उनके साथ मारपीट भी की गई। पुलिस की कार्रवाई बिल्कुल गलत थी। उन्होंने कहा कि यदि उनके संबंध में कोई शिकायत थी तो वे जांच में पूरा सहयोग करते। परंतु पुलिस ने इस बारे में उनसे बातचीत तक नहीं की और अखाड़े में घुसकर तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। काला पहलवान का आरोप है कि रात को खाना देने के नाम पर भी रुपए की मांग की गई। इतना ही नहीं पहलवानों के साथ मारपीट भी की गई। जबकि वे किसी भी आपराधिक घटना में संलिप्त भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि वे अखाड़ा शांतिपूर्ण ढंग से चला रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस उन्हें परेशान करने के लिए बार-बार दबिश दे रही थी।
यहथा मामला : हनुमानआखाड़ा से थाना शहर पुलिस ने बुधवार को पहलवान देवेंद्र, सतीश, मोहित, सोमबीर, मंजीत, नवीन, कृष्ण, ऋषिपाल, संदीप रविश गिरफ्तार किया था। इन पर शांति भंग करने का आरोप है। पुलिस ने अखाड़ा के बोर्ड को भी उखाड़ दिया था। वहीं गिरफ्तार पहलवानों को पुलिस टीम थाना शहर तक पैदल लेकर आई थी।
पहलवान मोहित निवासी कासंडा गांव के पिता राजबीर शास्त्री का कहना है कि उसका बेटा कुश्ती में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुका हैं। मोहित का बीएसएफ में सलेक्शन हुआ है, लेकिन अभी तक ज्वाइन नहीं किया गया है। बुधवार को पुलिस ने मोहित को गिरफ्तार कर लिया था। बाद पुलिस अधिकारी से मिला था। मैंने पुलिस अधिकारी को मोहित को छोड़ने की मांग भी की थी। लेकिन उनकी एक सुनी गई। इस कार्रवाई के बाद तो उसके बेटे का कैरियर ही खराब हो सकता है।
हनुमान अखाड़ा के जिन पहलवानों पर शहर की शांति भंग करने का आरोप है, उनमें पांच बार भारत केसरी रह चुके संदीप पहलवान भी शामिल है। अखाड़ा संचालक कृष्ण के अनुसार पहलवान नवीन भारत कुमार का खिताब जीत चुका है। यह खिताब वर्ष 2014 में रांची में मिला था। सोमबीर दुभेजा राज्य स्तरीय स्पर्धा में गोल्ड जीत चुका हैं। कृष्ण सरफाबाद वर्ष 2007 से 2009 तक नेशनल में गोल्ड जीत चुका है।