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विराेध में विक्रेताओं ने बंद रखी अपनी दुकानंे, किया प्रदर्शन

5 वर्ष पहले
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खादएवं बीज बेचने का लाइसेंस लेने के लिए सरकार ने कृषि में बीएससी की डिग्री होना अनिवार्य कर दिया है। सरकार के इस निर्णय का खाद एवं बीज विक्रेताओं ने विरोध किया है। मंगलवार को खाद विक्रेताओं ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी और नई अनाज मंडी के सामने धरना दिया। दुकान पर खाद बीज लेने के लिए पहुंचने वाले किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। जिसके कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।

दुकान संचालकों का कहना है कि कृषि विभाग द्वारा खाद बीज विक्रेताओं को वर्षों पहले लाइसेंस जारी किए थे। उस समय ऐसी कोई शर्त नहीं थी। वहीं अधिकांश लाइसेंस धारकों की उम्र 50 के करीब पहुंच चुकी है और पढ़ाई छोड़े भी लंबा समय हो चुका है। ऐसे में दो वर्ष में कैसे डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए सरकार को पुराने लाइसेंस धारकों को नए नियमों में छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपनी जिद पर अडिग रही तो लाइसेंस धारक सड़कों पर जाएंगे। क्योंकि क्षेत्र के करीब 180 लाइसेंस धारकों में से मात्र दो लाइसेंस धारक ही इस योग्यता को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सहायता के लिए कृषि विभाग बनाया गया है। फिर लाइसेंस धारकों पर कृषि में बीएससी या अन्य डिग्री होना अनिवार्य गलत है। किसानों को सलाह देने के लिए कृषि विभाग है। वे तो किसानों को केवल वहीं खाद बीज मुहैया कराते हैं, जिन्हें कृषि वैज्ञानिक खरीदने की सलाह देते हैं। इसलिए सरकार को नियमों में छूट देते हुए लाइसेंस धारकों को राहत देनी चाहिए। धरने में सीडस पेस्टीसाइड फर्जीलाइजर एसोसिएशन, गोहाना के अध्यक्ष रमेश बजाज, उप्रधान दिलबाग दूहन, संदीप अहलावत, रामकुमार, अनिल मलिक, सुदामा शर्मा, सुमित, दीपक, बिजेंद्र सहरावत, रविंद्र मलिक आदि उपस्थित थे।

इस मामले में वीरेंद्र आर्य, डिप्टी डायरेक्टर, कृषि विभाग, सोनीपत का कहना है कि सरकार ने खाद एवं बीज के लाइसेंस के लिए नए नियम निर्धारित किए हैं। नए नियम किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किए हैं। यदि खाद बीज विक्रेता पढ़ा लिखा और उसे दवाओं की जानकारी होगी तो इसका फायदा किसानों को मिलेगा।

^ सरकार ने दो वर्ष में डिग्री लेने का समय दिया है। लाइसेंस धारकों को पढ़ाई छोड़े काफी समय हो चुका है। ऐसे में लाइसेंस धारक कैसे इस शर्त को पूरा कर सकते हैं। सरकार को यदि शर्त लागू ही करनी है तो नए लाइसेंस देने पर करनी चाहिए। पुराने लाइसेंस धारकों को नए नियमों में छूट दी जानी चाहिए।\\\'\\\' रमेशबजाज, प्रधान, सीडस पेस्टीसाइड एसो.।

^ गेहूं की बिजाई की हुई है। फसल की सिंचाई की हुई है। करीब 20 कट्टे खाद की जरूरत है। सुबह ट्रैक्टर-ट्राली लेकर खाद लेने के लिए दुकान पर आया था। दुकान संचालक ने बताया कि आज हड़ताल है। इसलिए खाद नहीं मिलेगा। इसलिए उन्हें दोबारा से खाद लेने के लिए आना पड़ेगा।\\\'\\\' हिमांशु,किसान सिरसाढ़।

गोहाना. जींदरोड पर नई अनाज मंडी के पास खाद बीज की दुकानों के सामने विरोध प्रदर्शन करते दुकान संचालक।

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