पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • नाम के पीछे गोत्र नहीं, लगा रहे हैं ब्लड ग्रुप

नाम के पीछे गोत्र नहीं, लगा रहे हैं ब्लड ग्रुप

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ग्रुप की मांग : हर ब्लड बैंक में हो प्लेटलेट्स मशीन

दूसरे राज्य के कर्मचारी को देख उठी टीस

वक्तदें, रक्त दें ग्रुप। 10 महीने में 10 हजार से अधिक लोग इससे जुड़कर तीन हजार यूनिट रक्तदान कर चुके हैं। सदस्यों के नाम के पीछे सरनेम गोत्र नहीं, बल्कि ब्लड ग्रुप लिखा जाता है। कोई सार्वजनिक हेल्पलाइन नंबर नहीं है फिर भी सूचना मिलते ही कुछ मिनटों में 10 हजार से अधिक लोग रक्त जुटाने में लग जाते हैं।

यह ग्रुप हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में खून उपलब्ध करा जान बचाने का प्रयास करते हैं। ब्लड बैंक इनसे सहयोग ले रहे हैं। यह ग्रुप 10 माह में 4 हजार यूनिट रक्तदान कर चुका है। गुड़गांव में प्राइवेट जॉब करने वाले रोहतक के अकबरपुर गांव के पुष्पेंद्र (O+) की एक सोच ने चंद महीनों में बड़ा अभियान खड़ा कर दिया।

दिल्ली, गुड़गांव के बड़े अस्पताल बाहर के ब्लड बैंक का रक्त नहीं लेते। वे रक्तदाता मांगते हैं। वे दूसरे ब्लड बैंक की टेस्टिंग पर विश्वास नहीं करते। रक्तदाता ग्रुप की मांग है कि सभी ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मशीन होनी चाहिए। एक रक्तदाता तीन महीने में एक बार कर सकता है। ऐसे में रक्तदाता कम पड़ जाते हैं। प्लेटलेट्स मशीन रक्त से प्लेटलेट निकाल लेगी और बाकी रक्त वापस रक्त शरीर में जाएगा। ऐसा करने पर तीन दिन बाद दोबारा प्लेटलेट्स दे सकते हैं और महीने में दो बार। मशीन नहीं होने की वजह से रक्तदाताओं को तीन महीने इंतजार करना पड़ता है।

गुड़गांव में गाड़ियों के पार्ट बनाने वाली कंपनी में क्वालिटी इंजीनियर पुष्पेंद्र ने बताया कि मार्च 2015 में मध्य प्रदेश के कर्मचारी को खून की जरूरत पड़ी। प्रदेशभर में जानकार कम होने की वजह से रक्त नहीं मिल सका। इस टीस ने ही “वक्त दे, रक्त दे’ ग्रुप को जन्म दिया।

चुनौती: जरूरतमंदों तक कैसे पहुंचे

ग्रुपतो बना लिया लेकिन यह अपने तक सीमित था। चिंता थी जरूरतमंद तक कैसे पहुंचा जाए। 5 अप्रैल को गोहाना में हुई बैठक में 20 युवाओं ने फैसला लिया कि जिला अनुसार ग्रुप से युवाओं को जोड़कर फोन नंबर अस्पताल और पीजीआई में चस्पाएं जाएं, ताकि जरूरतमंद को रक्त मिल सके।

खबरें और भी हैं...