भगवान ने किया मानव कल्याण : भारती
बहनलीला भारती ने कहा कि भगवान निस्वार्थी हैं और हम सब स्वार्थी हैं। हम जब भगवान के पास जाते है तब भी हमारा स्वार्थ होता है। भगवान से कुछ कुछ मांगते हैं। जबकि भगवान जब भी धरती पर आते हैं तो मानव का कल्याण करने के लिए ही आते हैं।
लीला भारती मेन बाजार स्थित श्रीसनातन धर्म मंदिर में आयोजित 64वें वार्षिक उत्सव पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य इतना अधिक स्वार्थी हो चुका है कि उसे स्वयं ही नहीं पता होता कि वह क्या कर रहा है। वह अपना फायदा ही देखता है। ऐसा करते समय वह दूसरों को दुख भी पहुंचाने से पीछे नहीं हटता। जो व्यक्ति दूसरों को दुख पहुंचाता है, भगवान उससे कभी खुश नहीं हो सकते। भगवान तो हमेशा सभी को आपस में प्रेम से रहते हुए देखना चाहता है। जब भी भगवान किसी भी रूप में धरती पर आए, उन्होंने मनुष्य को त्याग, प्रेम का संदेश दिया। परंतु मनुष्य स्वार्थ के अंधकार में इसे अनदेखा कर देते हैं।
मनुष्य को इससे ऊपर उठना होगा। तभी वह भगवान के उस रूप को देख सकेगा, जिसके देखने के लिए ऋषि मुनियों ने वर्षों तपस्या की। उन्होंने कहा कि प्रेम ही सबसे बड़ा है। यदि मनुष्य में प्रेम है तो वह दुश्मन को भी अपना बना सकता है। यदि प्रेम का भाव नहीं है तो अपने भी उससे दूर होते चले जाते है। कार्यक्रम में सभा की तरफ से रवि मल्होत्रा, लक्ष्मण दास मिगलानी राजू मेहंदीरत्ता, केएल मिगलानी, रमेश परूथी, डॉ.श्याम, अशोक चावला, सुदेश शर्मा, शकुंतला देवी, राज मेहंदीरत्ता आदि उपस्थित थे।
गोहाना. बहनलीला भारती प्रवचन करते हुए।