अपने भक्तों के दिल में रहते हैं भगवान
मुगलपुरा रोड़ स्थित श्रीदुर्गा मंदिर में चल रही श्रीमदभागवद कथा के छठे दिन प्रवचन करते हुए साध्वी यमुना दीदी मां ने गोपियों के विरह का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब गोपी गीत गाते थे तो गोपियों की विरह वेदना बढ़ जाती थी। उन्होंने कहा कि जिस मानव ने अपनी सारी इंद्रियों को वश में कर लिया वही मानव कृष्ण रस को प्राप्त कर लेता है। इस अवसर पर रूकमणी तथा कृष्ण विवाह उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। साध्वी यमुना दीदी मां ने कहा कि भगवान हमेशा अपने भक्तों की इच्छा को पूरा करते हैं। सिर्फ उन्हें दिल से याद करें। भगवान श्रीकृष्ण ने बाल लीला के दौरान कई असुरों को मारकर अपने भक्तों की रक्षा की। इस अवसर पर मंदिर सभा के अध्यक्ष गुलशन नारंग, संयोजक हंसराज डंग, अमरनाथ मलिक, मदनलाल, भगवानदास, सुरेंद्र मेहता, चरणजीत वधवा, पूर्णचंद अरोड़ा आदि उपस्थित थे।
गोहाना . श्रीभागवदकथा सुनती महिलाएं। इनसेट में प्रवचन करती साध्वी यमुना।