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गेहूं सीजन में किसानों को इस बार भी झेलनी पड़ेगी परेशानी

6 वर्ष पहले
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नईअनाज मंडी में गेहूं की फसल लेकर आने वाले किसानों को इस बार भी परेशानी झेलनी पड़ेगी। क्योंकि मार्केट कमेटी ने मंडी में मरम्मत कार्य नहीं कराया है। जिससे मंडी की सड़कें जर्जर हालत में है। जगह-जगह से सीवरेज पाइप लाइन टूटी हुई है। पानी निकासी की व्यवस्था होने पर मंडी में पानी भर जाता है। अप्रैल माह में गेहूं खरीद का कार्य शुरू हो जाता है। ऐसे में कार्य कराने के लिए केवल मार्केट कमेटी के पास करीब दो माह है।

किसानों का कहना है कि मार्केट कमेटी के अधिकारी किसानों को सुविधा मुहैया कराने के प्रति गंभीर नहीं है। इसलिए केवल प्रपोजल बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। अब कार्य कब शुरू होगा, कुछ नहीं पता। उल्लेखनीय है कि मंडी में फसल डालने के लिए प्लेटफार्म को पक्का कराने और पानी निकासी की व्यवस्था करने के लिए करीब एक करोड़ 10 लाख रुपए का प्रपोजल तैयार किया था। इसमें करीब 70 लाख रुपए क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत और नई पाइप लाइन डालने पर खर्च किए जाने थे। वहीं 40 लाख रुपए खर्च करके प्लेटफार्म तैयार करना था। दोनों ही कार्य शुरू नहीं हुए। सीजन के दौरान मंडी में फसल काफी अधिक मात्रा में पहुंच जाती है। किसानों के पास फसल डालने के लिए प्लेटफार्म तक नहीं मिलता। ऐसे में उनकी समस्या बढ़ जाती है।

अभीशुरू हुआ तो लगेंगे दो माह: मंडीमें पानी निकासी के लिए पाइप लाइन दबाने मरम्मत का कार्य शुरू किया गया तो उसके लिए कम से कम दो माह का समय चाहिए। क्योंकि मंडी में जगह-जगह से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। ऐसे में समय अधिक लगेगा। जबकि मार्केट कमेटी के पास केवल फरवरी और मार्च माह ही है।

मंडीमें पहुंच रहा है धान: धानका रेट सरकार द्वारा बढ़ाए जाने के चलते किसान मंडी में धान लेकर पहुंच रहे हैं। किसानों ने सरकार से धान का रेट बढ़ाने की मांग थी।

इसके लिए किसानों ने धरना और प्रदर्शन किया। किसानों को उम्मीद थी कि सरकार रेट बढ़ाने की घोषणा करेगी। इसलिए कुछ किसानों ने धान का घर पर ही स्टॉक कर लिया था। सरकार द्वारा रेट बढ़ाने की घोषणा किए जाने पर अब किसान धान की फसल लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं।

^ मंडी में पानी निकासी के लिए पाइप लाइन दबाई थी, जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। विभाग द्वारा पाइप लाइन अधिक गहराई तक नहीं दबाई। साथ ही पाइप लाइन दबाने के बाद सड़कों का निर्माण नहीं किया गया।\\\'\\\' रजनीश,किसान, गोहाना।

^ मंडी की अधिकांश सड़कें टूटी हुई हैं। मंडी में सफाई के व्यापक प्रबंध नहीं होने के कारण जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ जाती है। जब मार्केट कमेटी फीस वसूलती है तो फिर किसानों को सुविधा भी दी जानी चाहिए। \\\'\\\' विनोद,किसान, गोहाना।

^ मंडी में फसल रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बरसात आने पर मंडी में पानी भर जाता है। इससे फसल भीग जाती है। वहीं सड़कें भी टूटी हुई है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण किसानों की समस्या बढ़ जाती है।\\\'\\\' विकास,दुकानदार नई अनाज मंडी।

गोहाना . नईअनाज मंडी में क्षतिग्रस्त सड़क।