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स्थापना के लिए तरासी जा रही हैं मूर्तियां

7 वर्ष पहले
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गोहाना. प्राचीनशिव मंदिर में महाकाली की मूर्ति को तरासता राजस्थान का कारीगर राजेंद्र।

भास्कर न्यूज| गोहाना

समताचौक स्थित प्राचीन शिव मंदिर में मूर्ति स्थापित करने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। मंदिर में स्थापित होने वाली मूर्तियों के तरासने का कार्य तेजी से कराया गया है। इस कार्य के लिए राजस्थान से कारीगरों को बुलाया गया है। ये मंदिर में ही बीते करीब चार माह से मूर्ति तरासने के कार्य में लगे हुए हैं।

मंदिर समिति के प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि मूर्ति तराशने का काम लगभग एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके पश्चात मंदिर में महाकाली, शीतला माता, गणेश लक्ष्मी जी की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। मंदिर के पुजारी पं. गोविंदराम ने बताया कि शिव मंदिर इस क्षेत्र का सबसे प्राचीन मंदिर है। मंदिर के प्रति लोगों में आस्था है। फिलहाल मंदिर में शिव परिवार की मूर्ति लगी हुई हैं। मंदिर में भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। मंदिर में आने वालों के लिए परिसर का निर्माण किया जा रहा है।

मकरानासे आया है मूर्ति के लिए पत्थर :

मंदिरमें लगने वाली जिस मूर्ति को तरासने का कार्य चल रहा है, उसका पत्थर मकराना से मंगाया गया है। एक मूर्ति के निर्माण पर डेढ़ से दो लाख रुपए का खर्चा होता है। मूर्ति तरासने का कार्य अंतिम चरण में है। मंदिर में शीतला माता, महाकाली, गणेश लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित की जाएंगी। इनमें दो मूर्ति तरासने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

चारमाह से मूर्ति तरासने में लगा है राजस्थान से आया कारीगर राजेंद्र : मूर्तिबनाने के कार्य में राजस्थान के भूसली गांव निवासी राजेंद्र चार माह लगे हुए है। राजेंद्र का कहना है कि वे मूर्ति तरासने का कार्य बचपन से कर रहे हैं और यह उनका पुस्तैनी कार्य है। गोहाना में मूर्ति तरासने का कार्य एक सप्ताह में समाप्त हो जाएगा। अब तक वह हरियाणा के विभिन्न मंदिरों में लगी मूर्तियों को तरास चुके हैं। यही उनके पूरखों का कार्य है।