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गोहाना से होेगी ब्लॉक स्तर पर नर्सरी खुलने की शुरूआत

7 वर्ष पहले
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स्वास्थ्यविभाग द्वारा खंड स्तर पर प्री-मैच्योर शिशुओं के लिए नर्सरी खोली जाएगी। इसकी शुरूआत गोहाना से होगी। योजना को कार्यान्वित करने के लिए बुधवार को नेशनल न्युओ नैटल फोरम की टीम के साथ विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्टाफ से भी बातचीत की और जानकारी जुटाने का प्रयास किया कि स्टाफ को शिशु से संबंधित जानकारी है अथवा नहीं। टीम के सदस्यों ने बताया कि विभाग से झंडी मिलते के बाद अस्पताल में नर्सरी शुरू कर दी जाएगी। प्री-मैच्योर बच्चों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नर्स की नियुक्ति भी की जाएगी।

टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. हरीश तिलामी, डॉ. सरेश दलपत, डॉ. आजाद आदि उपस्थित थे। ब्लाक स्तर पर अस्पताल में प्री-मैच्योर, अधिक कमजोर तथा जन्म के समय किसी बिमारी से ग्रस्त बच्चों के लिए नर्सरी की सुविधा नहीं थी। ऐसी स्थिति में लोगों को निजी अस्पताल, महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर पीजीआई रोहतक पर निर्भर रहना पडता था। प्रति माह करीब 20 शिशुओं को रेफर कर दिया जाता था। पीजीआई में दाखिल होने के बाद लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए लोगों द्वारा सामान्य अस्पताल में नर्सरी शुरू करने की मांग की जा रही थी। शहर के अस्पताल में नर्सरी खुलने के बाद लोग अपने शहर में ही सुविधा का लाभ ले सकेंगें।

फोरम की टीम के सदस्यों ने स्टॅाफ से भी बातचीत की और यह जानने का प्रयास किया उन्हें नवजात शिशु की देखभाल और इलाज से संबंधित कितनी जानकारी है। उन्होंने स्टॅाफ से पूछा कि शिशु को कृत्रिम श्वास किस प्रकार दी जाती है। इसके जवाब में स्टाफ ने बताया कि शिशु के मुंह पर साफ कपडा डाल कर मुंह से श्वास दी जाती है और हल्के से शिशु की छाती को दबाया जाता है जिससे शिशु हरकत में जाता है। जवाब सुनने के बाद टीम के सदस्यों ने डॉक्टर को बधाई दी।

दौरे के दौरान बुधवार को अस्पताल का माहौल बदला-बदला नजर आया। आज अस्पताल परिसर में भी सब कुछ व्यवस्थित दिखाई दिया। वाहनों को पार्किंग में लगा गया था। वहीं अस्पताल के अंदर भी व्यवस्था बनाई हुई थी। सभी अपने कार्य में लगे रहे। डॉक्टर के कैबिन के बाहर भी अधिक भीड़ नहीं थी।

एसएमओ डॉ.कर्मबीर ने बताया कि नर्सरी शुरू करने का मुख्य उद्देश्य शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। नर्सरी शुरू होने के बाद बच्च