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टीचर स्कूलों में जाकर बता रहे हैं पॉलीटेक्निक में एडमिशन प्रक्रिया

6 वर्ष पहले
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तकनीकीशिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संस्थान खोले। विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप की सुविधा दी। फिर भी प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रत्येक क्षेत्र में ट्रेंड युवकों की कमी खल रही है। इसे देखते हुए सरकार ने युवाओं को तकनीकी क्षेत्र की विभिन्न ट्रेड में ट्रेंड करने का निर्णय लिया है। जिससे पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा भीड़ का हिस्सा बनकर क्षेत्र विशेष में अपनी अलग पहचान बना सके। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए तकनीकी शिक्षा और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले की जिम्मेदारी बीपीएस पॉलीटेक्निक संस्थान और सांघी स्थित पॉलीटेक्निक संस्थान को सौंपी गई है। संस्थान की टीम स्कूलों में जाकर बच्चों को डिप्लोमा इंजीनियरिंग के दाखिला प्रक्रिया और इसमें भविष्य के बारे में बता रही है। जिससे दसवीं और 12वीं कक्षा पास करने के बाद बच्चों का रुझान इंजीनियरिंग के प्रति बढ़ सके।

बीते कुछ वर्षों डिप्लोमा इंजीनियरिंग के प्रति विद्यार्थियों का रुझान कम हुआ है। इसका मुख्य कारण बच्चों को दाखिला प्रक्रिया के बारे में समय पर जानकारी मिलना है। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश बच्चे जो पॉलीटेक्निक संस्थान में दाखिला लेना चाहते हैं, वे भी आवेदन नहीं कर पाते।

^ पॉलीटेक्निक संस्थान से इंजीनियरिंग करने के लिए दाखिला प्रक्रिया के बारे में बच्चों को जानकारी मिले, इसे लेकर अभियान चलाया जा रहा है। दाखिला प्रक्रिया अप्रैल-मई में शुरू हो जाती है। आवेदन ऑनलाइन किए जाते हैं। टॉपर विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप भी दी जाती है। दौरे के दौरान देखने में आया है कि बच्चों में जागरूकता की कमी है। बच्चों को दाखिला के साथ-साथ डिप्लोमा करने के बाद रोजगार की संभावना के बारे में बताया जाता है।\\\'\\\'डीवीएस दहिया,प्राचार्य, बीपीएस महिला पॉलीटेक्निक।