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दुनिया की सुख-सुविधाएं क्षणिक, प्रभु भक्ति में ही मिलेगा सच्चा सुख : कुलदीप
जिसउद्देश्य की पूर्ति के लिए मानव जीवन मिला है, उसे पहचान कर प्राप्ति के लिए प्रयासरत हो जाओ। दुनिया की सारी सुख-सुविधाएं क्षणिक हैं। ये सब एक दिन नष्ट हो जाएंगी। सच्चा सुख केवल परमात्मा के चरणों में ही मिलता है। यह कहना है महात्मा कुलदीप कत्याल का।
कुलदीप रविवार को महम रोड स्थित निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित निरंकारी साप्ताहिक सत्संग समारोह में संगत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया की सारी सुख-सुविधाएं क्षणिक हैं। ये एक दिन सब नष्ट हो जाएंगी। इसलिए सांसारिक मोह-माया को छोड़कर परमात्मा के चरणों में ध्यान लगाने से ही सच्चा सुख मिलता है। उन्होंने कहा कि संत संसार में मानवता की भलाई के लिए आते हैं। आज संसार के लोगों को आवाज दी जा रही है कि वक्त रहते अपने जीवन का उद्देश्य पहचान कर उसे प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मानव सांसारिक मोह माया में फंस कर परमात्मा के दिखाए मार्ग से भटक गया है। अगर मानव को सच्चा सुख प्राप्त करना है तो उसे स्वयं को परमात्मा के चरणों में समर्पित करना होगा। परमात्मा को जानकर ही जीवन को सुखमयी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभु भक्ति के लिए किसी प्रकार के आडंबरों की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए केवल सच्ची श्रद्धा की आवश्यकता होती है। प्रभु के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने से हमारे मन में किसी प्रकार की गलत धारणा स्थान नहीं बना पाएगी तथा हमारा ध्यान हर समय प्रभु चरणों में लगा रहेगा।
गोहाना . सत्संगभवन में उपस्थित संगत इनसेट में प्रवचन करते महात्मा कुलदीप कत्याल।