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ड्रेन निर्माण में सुस्ती के कारण ही बढ़ रही शहरवासियों की मुसीबत
जलापूर्तिस्वच्छता विभाग द्वारा शहरवासियों को बरसाती पानी की समस्या से बचाने के लिए किया जा रहा प्रयास लोगों को दुख देने लगा है। इसका प्रमुख कारण योजनाबद्ध तरीके से काम का होना है। विभाग द्वारा शहर के विभिन्न हिस्से में करीब 16 किलोमीटर लंबी ड्रेन बनाना प्रस्तावित है। काम शुरू हुए करीब एक साल बीत चुका है और निर्माण पांच किलोमीटर भी नहीं हुआ है। शहर का कोई ऐसा हिस्सा नहीं है, जहां पर अधिकारी यह कह सकें कि इस हिस्से में निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जब किसी स्थान पर लोग प्रदर्शन करते हैं, तो पहले वाली जगह पर कार्यरत लेबर वहां भेज दी जाती है। ड्रेन निर्माण पर साढ़े 22 करोड़ रुपए खर्च किया जा रहा है। जिसे दो सालों में पूरा करना है।
अधिकारियों को जहां काम का निरीक्षण करने की फुर्सत नहीं है तो वहीं ठेकेदार गलियों के सामने खुदाई कर हफ्तों काम बंद रख रहे हैं। इससे गलियों में रहने वालों को भारी परेशानी हो रही है। हालत यह है कि ठेकेदार दुकानों के आगे तो स्लैब डाल देता है पर गलियों की सुध कई-कई दिन नहीं ली जा रही है। इससे लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है। इसका खामियाजा नगर परिषद चुनाव में सत्ताधारी दल को उठाना पड़ सकता है।
येपरेशानी है : सदरथाने के सामने विभाग द्वारा सड़क को तोड़कर पानी निकासी के लिए पाइप डाली गई। साथ ही बगल में ड्रेन भी बनाई गई, लेकिन इससे निकली मिट्टी कहां गई, इस बात का पता किसी को नहीं है। इस कारण सड़क धंसती जा रही है। बड़े बड़े गड्ढे हो रहे हैं। थाने की ओर इस गड्ढे के बगल सीवर लाइन डैमेज हो चुकी है। जिसके कारण सीवर का पानी सड़क पर गया है। दोनों तरफ बनाए गए मेनहोल भी ऊपर हैं। जिनसे हादसे की आशंका है साथ ही पूरा दिन जाम लगा रहता है। स्थानीय दुकानदारों की मानें तो यहां पर रोजाना हादसा होता है। छोटे वाहनों के चैंबर आए दिन फंस जाते हैं।
ओल्डडीसी रोड पर काम अधूरा : स्टॉर्मवाटर ड्रेनेज निर्माण का नारियल आईटीआई चौक पर तोड़ा गया था। सबसे पहले जेसीबी ने यहां पर निर्माण कार्य शुरू किया, लेकिन आज तक ओल्ड डीसी रोड पर निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। 10 मीटर कार्य कर लिया जाता है, तो 15 दिन रोक दिया जाता है। जिसके बाद फिर शुरू किया जाता है। इससे पीछे कॉलोनियों में रहने वालों का रास्ता बाधित हो रहा है। वहीं सड़क पर मलबा इकट्ठा होता है। इसी तरह से ओल्ड रोहतक रोड, गोहाना रोड, सब्जी मंडी रोड, जटवाड़ा सहित हर रोड पर कार्य अधूरा है।
^ड्रेन का निर्माण कार्य शहरवासियों को सुविधा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। अगर इसकी वजह से कोई परेशानी हो रही है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जल्द ही मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।\\\'\\\'एमके बंसल,एसई, जलापूर्ति स्वच्छता विभाग, सोनीपत।
विभागीय योजना : जलापूर्तिस्वच्छता विभाग के तत्कालीन एसई ओपी गोयल ने शहर में बरसाती पानी से होने वाली समस्या को देखा तो उन्होंने स्टॉर्म वाटर ड्रेन का सुझाव सरकार को भेजा। सरकार ने सुझाव को हरी झंडी दे दी। जिसके तहत उन्होंने बरसाती पानी के लिए डेढ़ चौड़ा 3 मीटर गहरा ड्रेन की डिजाइन पास कराई, ताकि भारी बरसात में भी कितना भी पानी इकट्ठा हो तब भी निकासी हो सके। इस पानी की निकासी के लिए शहर के चार स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जाने हैं।
सोनीपत . जलापूर्तिस्वच्छता विभाग द्वारा ड्रेन का किया जा रहा निर्माण कार्य।