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गिरफ्तार करने गई पुलिस से पहलवान बोले- नहीं चलेंगे पैदल, पुलिस ने कहा- हम भी तो पैदल हैं
पुलिसटीम जब अखाड़े में पहुंची तो उन्हें भी उम्मीद नहीं थी कि पहलवानों की संख्या 10 तक पहुंच जाएगी। पुलिस के पास एक ही गाड़ी थी, जिसमें पहलवान और पुलिस जवान नहीं बैठ पा रहे थे। इसलिए पुलिस जवानों ने पहलवानों को पैदल ही चलने को कहा। जिस पर पहलवानों ने मना भी किया, लेकिन पुलिस जवानों ने कहा कि वे भी तो पैदल चल रहे हैं, फिर उन्हें चलने में क्या दिक्कत है। जिसके बाद वे अखाड़े से ही पैदल चल पड़े। आगे-आगे पुलिस टीम और पीछे-पीछे लोगों की भीड़ चल रही थी।
पुलिस कार्रवाई को देख लोग भी पहलवानों की शिकायत करने के लिए आगे आने शुरू हो गए हैं। इससे पुलिस भी उत्साहित है। क्योंकि उन्हें लोगों का सहयोग मिल रहा है। रोहित युवक ने बताया कि पहलवानों ने रुपए उधारे लिए थे, लेकिन पैसे नहीं लौटाए। जब वापस मांगे तो धमकाना शुरू कर दिया। पिछले रुपए देने की बजाए और रुपए देने को कहा। करीब छह माह पहले पुलिस अधिकारियों को भी इसकी शिकायत की गई थी। वहीं इंद्रगढ़ी निवासी एक युवक ने बताया कि पहलवानों के कहने पर लकड़ी का काम किया था। करीब 1.60 लाख रुपए देने थे, लेकिन उन्हें 40 हजार रुपए ही दिए गए। जब शेष राशि की मांग की तो देने से मना कर दिया।
^ पहलवानों के खिलाफ कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि वे अवैध तरीके से फिरौती मांगते हैं। शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे, इसलिए हनुमान अखाड़ा से दस पहलवानों को गिरफ्तार किया है।\\\'\\\' कुलदीपदेशवाल, प्रभारी, थाना शहर।
पहलवानों को गिरफ्तार करने के बाद ही थाना प्रभारी पर उन्हें छोड़ने का दबाव बनना शुरू हो गया था। फोन करने वालों में सत्ता पक्ष के कई नेता भी बताए गए हैं। जिसे देख थाना प्रभारी ने फोन सुनना ही बंद कर दिया। वहीं कुछ व्यक्ति थाना में भी पहुंच गए। जिसे देख थाना में पुलिस जवानों को मु़ख्य गेट पर भी तैनात करना पड़ा।