सरकार के निर्णय के विरोध में एकजुट हुए शहर के स्वर्णकार
केंद्रसरकार द्वारा दो लाख रुपए के आभूषण खरीदने पर पैन कार्ड अनिवार्य किया है। सरकार के इस निर्णय का स्वर्णकार संघ गोहाना ने विरोध जताया है। बुधवार को स्वर्णकारों ने गणेश मार्केट में प्रदर्शन किया और सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि पैन कार्ड बाध्यता से र| एवं आभूषण उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
स्वर्णकार सुबह गणेश मार्केट में एकत्रित हुए। संघ के अध्यक्ष हुकमचंद वर्मा ने कहा कि सरकार के निर्णय के विरोध में देश भर में स्वर्णकारों ने हड़ताल की है। सरकार का निर्णय व्यापारी विरोधी है। इस निर्णय का स्वर्णकारों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। स्वर्णकार राजमोहन वर्मा ने कहा कि हड़ताल में देशभर में करीब 300 संगठनों ने भाग लिया। प्रत्येक व्यक्ति के पास पैन नंबर नहीं है। ऐसे में आभूषण खरीदने वालों की संख्या कम हो जाएगी। इसका सीधा असर स्वर्णकारों के कारोबार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी भी दुकान से जो भी आभूषण खरीदता है तो उसका बिल ग्राहक को दिया जाता है। ऐसे में पैन कार्ड अनिवार्य करने का औचित्य ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि सोने चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है। इसका असर भी स्वर्णकार और ग्राहकों पर पड़ेगा। सरकार को आयात शुल्क कम करना चाहिए। इस अवसर पर राजबीर, तिलकराज, कुलदीप, मनोहर वर्मा, सतबीर, मोनू वर्मा, संजय, जितेंद्र, राजेश जागसी, मोहन वर्मा आदि उपस्थित थे।
सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में हरियाणा रोडवेज वर्कस ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का नेतृत्व कमेटी के प्रधान विनोद कुमार ने किया। कर्मचारियों ने सरकार से नई नीति को रद्द करने की मांग की।उन्होंने सरकार से रोडवेज के बेड़े में 10 हजार नई बसें शामिल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पंजाब के समान वेतन देने, ठेका प्रथा बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती है तो 17 फरवरी को पानीपत में बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज विभाग का निजीकरण करना चाहती है। विभाग में लंबे समय से हजारों पद रिक्त पड़े हैं। कर्मचारियों के अभाव में रोडवेज की बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। सरकार विभाग में सुविधाएं बढ़ाने की बजाय निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को निजी बसों को परमिट देने के स्थान पर बेड़े में नई सरकारी बसें शामिल करनी चाहिए। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर अनिल, उपनेश, विजेंद्र, रविंद्र, संजय, ईश्वर, भक्तसिंह, विजेंद्र, रणबीर, दीपक आदि उपस्थित थे।
गोहाना. गणेशमार्केट में सरकार के निर्णय के विरोध में एकत्रित स्वर्णकार।