• Hindi News
  • National
  • सारा जोर संख्या बल बढ़ाने, भड़काऊ भाषण रोकने पर

सारा जोर संख्या बल बढ़ाने, भड़काऊ भाषण रोकने पर

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अखिलभारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर आरक्षण अन्य मांगों को लेकर जौली गांव में धरना सोमवार को भी जारी रहा। दूसरे दिन वक्ताओं ने मांगों को लेकर संगठित और एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। सभी का जोर धरने पर संख्या बढ़ाने पर रहा ताकि सरकार पर दबाव बनाकर अपनी मांगों को पूरा कराया जा सके। धरने के संयोजक आजाद लठवाल ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से दिया जाएगा और मांगें पूरी होने पर जारी रहेगा। इसके अलावा आयोजकों द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि धरने पर संयमित भाषा का प्रयोग हो। कोई नेता ऐसा भाषण दे जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचता हो।

लठवाल ने कहा कि सरकार ने आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर केवल आश्वासन दिया है, इसे पूरा नहीं किया गया। जबकि सरकार ने आश्वासन दिया हैं तो उसे पूरा भी करना चाहिए। सरकार की वायदा खिलाफी के चलते ही जाट समुदाय को बार-बार धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। परंतु इस बार धरना निर्णायक होगा। जाट सेवक संघ के अध्यक्ष अनिल नरवाल ने कहा कि कुछ लोग अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए जाति के साथ मिलकर नहीं चल रहे। ऐसे लोगों के बहकावे नहीं आना चाहिए। अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। धरने को भाकियू के जिलाध्यक्ष रोहताश बेनीवाल, जयसिंह जौली, उमेद सिंह चहल, समिति के खरखौदा तहसील प्रधान मास्टर रामकरण आदि ने संबोधित किया। धरने पर जयभगवान शर्मा सिरसाढ़, भोपाल सिंह, हरिराम जवाहर आदि ने भी पहुंचकर अपना समर्थन दिया।

सोनीपत .यूनियन में खड़े ट्रक।

शहर के ककरोई रोड स्थित जाट नेता मूलचंद दहिया के निवास पर सोमवार को एक सभा का आयोजन किया गया। मूलचंद दहिया ने कहा कि उन्हें संविधान के अनुसार आरक्षण चाहिए। आरोप लगाया कि पहले भी उनके साथ छल कपट होता आया है। जिससे कौम में भारी रोष है। दहिया ने कहा कि देश की कुछ किसान जातियों को तो आरक्षण दिया गया है, जबकि जाटों को इस अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। पर अब वह यह हक लेकर रहेंगे। इस दौरान राजेश दहिया, श्रीकृष्ण, हवासिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

ट्रक यूनियन के पदाधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि उन्हें प्रशासन की सुरक्षा पर भरोसा है। यदि फैक्टरी मालिक आर्डर करते रहे तो वह काम करते रहेंगे। सिंह ने कहा कि आंदोलन शांति से चलता रहा तो माल भेजने में काेई दिक्कत नहीं होगी।

खुलापेट्रोल डीजल बेचने पर रोक : खुलापेट्रोल डीजल बेचने पर प्रशासन ने सोमवार को रोक लगा दी। यह कदम जनहित में उठाया गया है। बताया जा रहा है कि तनाव, झगड़ा, निजी संपति को नुकसान की आशंका है। डीसी ने सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को कहा कि आदेशों की सख्ती से पालना हो। आदेश दो माह तक जारी रहेंगे।

सीआरपीएफकी दो टुकड़ी पहुंची : जिलेकी सुरक्षा व्यवस्था को लगातार चौकस किया जा रहा है। गुड़गांव, मधुवन से फोर्स बुलाई गई है। सोमवार को सीआरपीएफ की भी दो टुकड़ी सोनीपत पहुंच गई। सुरक्षा के लिए अब 24 कंपनियां सोनीपत में चुकी हैं। इनमें आरएएफ की पांच टुकड़ी हैं।

ट्रांसपोर्टर बिजेंद्र ने बताया कि तोशाम और नारनौल से डस्ट रोडी सोनीपत शहर में आती है। उन्हें इस बात का भय है कहीं गाड़ी पहले की तरह जाम में फंस जाए। पूर्व में काफी दिन उन्हें परेशानी हुई थी। हाल में भी व्यापारियों के मन में भय है कहीं फिर से गाड़ी फंस जाए। वहीं आनंद ने कहा कि आंदोलन अभी शुरू हुआ है। शुरूआत शांति से हुई, इसलिए फिलहाल उतना असर नहीं है। यदि जल्दी हालात सामान्य नहीं हुए तो असर ज्यादा पड़ेगा।

धरना के लिए तीन एकड़ जमीन को समतल किया गया है। धरनास्थल पर अधिक से अधिक भीड़ पहुंचे, इसके लिए आयोजन समिति की तरफ से गांवों में प्रचार के लिए दो गाड़ियां चलाई गई है। आजाद लठवाल ने बताया कि प्रचार के माध्यम से लोगों को धरनास्थल पर पहुंचने की अपील की गई। अन्य समाज के लोग भी पहुंच रहे समर्थन को।

धरनास्थल पर एक सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों द्वारा वीडियोग्राफी की जा रही थी। इसकी सूचना जब धरना में शामिल संगठनों को मिली तो मंच के माध्यम से अनाउंसमेंट की गई कि कोई भी सरकारी एजेंसी का कर्मी वीडियोग्राफी करे। क्योंकि हम नहीं चाहते कि प्रशासन के साथ किसी तरह का टकराव हो। हम अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे हैं।

धरने को लेकर प्रशासन भी अलर्ट पर रहा। धरना के आसपास पुलिस और आरएएफ के जवान तैनात हैं। इसके अलावा अधिकारी भी धरनास्थल के आसपास ही मौजूद रहे। शहर के चौक, रेलवे स्टेशन और बस अड्डा पर भी जवान तैनात है। एसडीएम अजय ने क्षेत्र के पटवारी नंबरदारों की मीटिंग ली। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाने की कि अपील। धरनास्थल पर ही दीनबंधु छोटूराम का जन्म दिवस मनाया जाएगा।

सोनीपत | जाटआरक्षण आंदोलन के दिए जा रहे धरने के मद्देनजर डीसी के मकरंद पांडुरंग ने जौली-लाठ के आसपास के गांवों में शराब ठेके बंद करा दिए हैं। आबकारी कराधान विभाग को रविवार रात को निर्देश दिया गया था। जिसके बाद सोमवार को आस-पास के आठ अंग्रेजी देशी शराब के ठेके बंद कर दिए गए हैं। एक्साइज इंसपेक्टर पवन ने बताया कि उप आबकारी कराधान आयुक्त सुशील गौड़ के निर्देश पर ठेकों को बंद कराया गया है। वह गांव जौली, लाठ, दमकन खेड़ी, सरगथल, बड़ौता, ककाना, कटवाल और पिनाना में मौजूद है।

जाट नेता हवासिंह दहिया ने कहा कि आरक्षण का मामला कोर्ट में विचाराधीन हैं, लेकिन कोर्ट में मामला पहुंचने के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है। यदि सरकार कानून के तहत प्रक्रिया पूरी करती तो मामला कोर्ट में नहीं जाता। लेकिन सभी धैर्य और विवेक से काम लें। जो हमारा अधिकार है, उसे प्राप्त करके रहेंगे।

गोहाना .जौली गांव में धरना स्थल पर बैठे जाट समुदाय के लोग। दूसरे दिन भी लोगों ने धरना बड़ा ही शांति ढंग से किया।

खबरें और भी हैं...