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सोनीपत के 4 स्कूलों में नहीं होगी कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा

5 वर्ष पहले
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स्कूलीशिक्षा हो या फिर उच्चतर शिक्षा स्थानीय विद्यार्थियों ने अपने मेहनत से सोनीपत का नाम खूब रोशन किया है, लेकिन हाल के समय में सोनीपत के नाम के साथ एक बदनुमा दाग भी जुड़ गया है वह है परीक्षा की पवित्रता को भंग करना। महज दो साल में छह बड़े एग्जाम के पर्चे सोनीपत से लीक हो चुके है। जनवरी से एक बार फिर सोनीपत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित परीक्षा होगी। ऐसे में यह घटना फिर से नहीं हो इसे लेकर सोनीपत की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने आयोग को भेजी रिपोर्ट में चार बड़े परीक्षा केन्द्रों को इस बार बाहर कर दिया है। इसमें एटलस मार्ग नजदीक, गोहाना रोड, गोविंद नगर स्थित स्कूल शामिल है। विभाग द्वारा 28 स्कूलों की रिपोर्ट भेजी गई है।

राज्य कर्मचारी चयन आयोग की ओर से परीक्षा केन्द्र के लिए हाल ही में सोनीपत का भी चयन किया गया है। ये परीक्षा जनवरी माह में हर सप्ताह रविवार को आयोजित की जाएगी। यही नहीं सीबीएसई को भी स्थानीय स्तर पर जेईई एग्जाम के लिए स्थानीय मेजबानी का प्रस्ताव भेजा गया है। वह तभी सोनीपत को हासिल होगा जब परीक्षा संचालन के मामले में सोनीपत का रिकार्ड बेदाग रहेगा।

^ परीक्षा की पवित्रता को बनाए रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए शुरुआती चरण में चार विवादित सेंटरों के परीक्षा केन्द्र जहां रद्द कर दिए हैं, वहीं परीक्षा शुरू होने से पहले और समाप्ति तक पूरी निगरानी रखी जाएगी। ’’जिले सिंहशर्मा, डीईओ, सोनीपत।

{ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआइपीएमटी) का पेपर लीक में सोनीपत को बदनामी झेलनी पड़ी थी। तब पुलिस पुछताछ में खुलासा हुआ था कि इस मामले में आरोपियों को सोनीपत निवासी रूपकुमार ने उत्तर तालिका मुहैया कराई थी। {हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत कक्षा 12वीं का पेपर आधे घंटे बाद ही पेपर के लीक हो गया। जो व्हाट्स एप पर लीक हुआ था। तब मोबाइल नंबर 9996260828 से शिक्षा बोर्ड अधिकारी के मोबाइल नंबर 8571867627 पर व्हाट्स एप से अंग्रेजी का पेपर डाला गया था। जांच में आरोपी सिसाना निवासी पाया।

{जेबीटी भर्ती घोटाले के तार भी सोनीपत से जुड़े। अारोप लगा कि सोनीपत निवासी दो राजकीय स्कूलों के टीचरों ने सात लाख रुपए में पेपर बेचा गया।

{पंजाब स्थानीय निकाय विभाग के एसडीओ जई की परीक्षा का पेपर लीक कर कर मोटी रकम वसूलने के मामले आरोपी की गिरफ्तारी विजिलेंस ने सोनीपत से की थी।

{हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा लेवल -3 के प्रश्न पत्र लीक मामले में सोनीपत की ख्याति को राष्ट्रीय स्तर पर धक्का लगा। इस मामले में सोनीपत की तत्कालीन डीईओ पर जहां अभी तक गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है तो वहीं गोहाना मार्केट कमेटी के निलंबित सचिव पवित्र गुलिया ही नहीं शिक्षा विभाग के आला अधिकारी तक थाने की हवा खा चुके हैं। इस मामले में 24 गिरफ्तारियां हुई थी।

{रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा का पेपर भी सोनीपत से लीक हुआ। यहां सेक्टर 15 से कार में बैठकर आरोपी ने पेपर लीक किया था। इस मामले की भी जांच चल रही है।

}वरिष्ठ अध्यापक कृष्ण वत्स के अनुसार इस प्रकार के मामले बढ़ने का एक अहम कारण सोशल मीडिया पर आमजन की बढ़ती सक्रियता है, क्‍योंकि हाल के समय में अधिकांश पेपर सोशल मीडिया पर ही पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले पर सख्ती से रोक लगानी बेहद जरूरी है। क्योंकि पूर्व में अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाएं दिल्ली अथवा चंडीगढ़ में होती थी, बेहतर परिणाम की बदौलत यहां होनी शुरू हुई है।

}कोचिंग संस्थान के संचालक रविन्द्र पराशर ने बताया कि हाल के समय में रोजगार जहां घट रहे हैं तो वहीं आवेदकों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए शॉट कट का चलन तेज हो रहा है। इसलिए शाट टर्म कोर्स से लेकर पेपर लीक जैसी घटनाएं बढ़ रही है। सोनीपत क्षेत्र में 10 से अधिक संस्थानों में प्रतिदिन पांच हजार से अधिक युवा सरकारी सेवाओं की नौकरी की तैयारी करते हैं।

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