बाहर हिंदी बोलने में संकोच करें : दत्त
गोहाना | ईश्वरइंटरनेशनल स्कूल में हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें हिन्दी के गिरते हुए स्तर पर चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम में महात्मा नरेन्द्र दत्त ने कहा कि हिन्दी हमारी मातृ भाषा है। इसलिए इस का प्रचार एवं प्रसार अधिक करना चाहिए। कुछ लोग बाहर जाकर हिंदी बोलने में संकोच करते हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। विद्यालय के निदेशक अनिल मलिक एवं प्राचार्या ज्योत्सना श्रीवास्तव ने बच्चों को हिंदी को बढ़ावा देने के लिए सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है। जिसका हमें सम्मान करना चाहिए। हिंदी भाषा ही हमारी पहचान है। इसलिए हमें अपनी मातृभाषा का सम्मान करना चाहिए। हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रचार करने से हमारी संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। आज पश्चिमी देश भी हमारी संस्कृति का अनुसरण कर रहे हैं। जो कि हमारे लिए बड़े गर्व की बात है। इसलिए सभी हिंदी भाषा को अपनाओ। बाद में भारत उसकी समस्याएं, भारत की प्रकृति, राजभाषा हिन्दी विषय पर छात्रों ने कविता प्रस्तुत की। एक छात्र ने भारत की प्रकृति का मनोहारी वर्णन अपनी कविता में किया तो दूसरे बच्चे ने जम्मू कश्मीर में आई बाढ़ का। प्रथम, द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए।