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यूरिया के लिए भटक रहे किसान

7 वर्ष पहले
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यूरियानहीं मिलने से किसान परेशान हैं। किसान सुबह होते ही किसान सेवा केंद्रों में पहुंच लाइन लगा रहे हैं पर पूरे दिन इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। शहर में स्थित तीन सहकारी समितियों दी हांसी मार्केटिंग सोसाइटी, इफको सेवा केंद्र, कृभको किसान सेवा केंद्र में एक भी यूरिया का बैग नहीं है। दूसरी ओर गेहूं की बिजाई लगभग अंतिम दौर में है। फसल को अब खाद की बेहद जरूरत है। अगर फसल को खाद नहीं मिलता है तो फसल को भारी नुकसान होगा।

किसान खाद के लिये किसान सेवा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। गुरुवार को अनाज मंडी में खाद लेने पहुंचे किसानों ने यूरिया नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसानों ने कहा कि एक एकड़ पर कम से कम तीन कट्टे यूरिया खाद की आवश्यकता होती है। परंतु प्रत्येक किसान को केवल तीन कट्टों की ही पर्ची दी जा रही है। दूसरी ओर कृषि विभाग का कहना है कि उनके पास पीछे से ही खाद की आपूर्ति हो नहीं रही है। विभाग के अनुसार जितना भी खाद आता है, वितरित कर दिया जाता है। वहीं किसानों का आरोप है कि खाद की कालाबाजारी की जा रही है।

अनाज मंडी में स्थित सोसायटी में खाद लेने पहुंचे किसान सुखवीर पंच थुराना, नरेश कुमार, महावीर, सुभाष, शमशेर सिंह, आदि ने कहा कि बाजार में किसान प्राइवेट कंपनियों का खाद खरीदने पर मजबूर हैं। ये खाद सरकारी खाद के मुकाबले कम प्रभावी है। खाद लेने आए अनेक गांवों के किसानों ने कहा कि यूरिया नहीं मिलने से उनकी फसल को भारी नुकसान हो रहा है।

अनाज मंडी में सहकारी समिति के सामने खाद मिलने परप्रदर्शन करते किसान।

कृषि विभाग के एसडीओ डा. अरुण कुमार ने बताया कि इस बार उत्तम इफको का खाद की आपूर्ति पीछे से ही कम हो रही है। उन्होंने बताया कि एनएफएल कंपनी के खाद की खेप शुक्रवार को शहर की सहकारी कृषि समितियों में पहुंच जाएगी।