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अमेरिका जाने का सपना पूरा करने से पहले ही मंजीत ने ले ली विदाई

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | रोहतक /हांसी

एमडीयूबीटेक के सेकंड ईयर का छात्र मंजीत जांगड़ा रविवार को घर से हाॅस्टल में पहुंचा था। घर पर चाचा विजयपाल को कहकर आया था कि चाचा मुझे बस डेढ़ से दो साल बाद अमेरिका जाना है। अब मेरा वीजा बनवा दो। इसके बाद योगा के नेशनल खिलाड़ी मंजीत ने जो कदम उठाया उसके बाद पूरा परिवार सदमे में है। कोई भी समझ नहीं पा रहा है कि आखिर ये अचानक क्या हो गया? जैसे ही शाम को परिजन हॉस्टल में पहुंचे तो मंजीत की लाश देखकर फूट पड़े। चाचा राजू से तो रूका ही नहीं गया। वहीं दोस्त आकाश भी बेसुध सा होने लगा। घर में मंजीत की बड़ी बहन जिसकी एक नवंबर को ही शादी हुई है और एक छोटा भाई भी है।

कभीगम को नहीं पाला

वहींयोगा करने वाले लॉ छात्र विनय, फिजिकल एजुकेशन के जनकराज और बीटेक के वरूण का कहना है कि लगातार दो साल से मंजीत उनके साथ योगा क्लासेज में हैं। कभी भी लेट नहीं होता था। उसके व्यवहार से नहीं लगता कि उसने कभी मन में गम को पाला हो। इस कमरा नंबर 102 में ही गुडग़ांव से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग से एमडीयू में माइग्रेशन करवाकर आए रूममेट सचिन का कहना है कि वह बुधवार को दोपहर एक बजे आया था और अपना बैग लेकर दिल्ली चला गया। अब दूसरा बैग लेने आया हूं तो मामले का पता चला। मात्र 20 दिन के दौरान कभी लंबे समय तक साथ रहने का मौका नहीं मिला। सचिन से मंजीत के अंकल लक्ष्मीकांत ने भी पूछताछ की।

दूसरेबेड पर मिली किताबें धोती

मंजीतके कमरे में तीन पोस्टर लगे हैं। इनमें हर एक पोस्टर सिर्फ आगे बढऩे और युवा मन के जोश की कहानी कहता है, लेकिन अचानक जो सिविल इंजीनियरिंग के छात्र मंजीत ने उठाया वह उसके मन से भी मेल नहीं खाता दिखता। वहीं दूसरे बेड पर योगा में काम आने वाली धोती ( साढ़े22 फुट लंबा कपड़े की रस्सी) भी मिली है।

काउंसलिंग करेंगेे

^ एमडीयू के हॉस्टल में बच्चों को व्यवहार कुशल बनाने के लिए समय-समय पर सेमीनार वगैरह होते रहते हैं, बच्चों को सिंगल रूम भी नहीं दिया जाता। अचानक मंजीत के मौत की वजह का भी पता नहीं चल पाया है। आने वाले समय में बच्चों की काउंसलिंग के भी प्रयास किए जाएंगे।

-डॉ. एसएस चाहर, प्रोवोस्ट,एमडीयू।

एमडीयू के प्रॉक्टर एवं यूआईईटी निदेशक डॉ. एसपी खटकड़ कहते हैं कि विवि में लगातार बच्चों के बीच झगड़े तनाव को देखते हुए उन्हें समझाने के लिए मनोवैज्ञानिकों